नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार यानी आज 06 अगस्त 2025 को दिल्ली में कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन-03 बिल्डिंग का उद्घाटन कर दिया है। यह वर्ष 2019 में शुरू हुई सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का भाग है और कॉमन सेंट्रल सेक्रेटरिएट (CSS) की 10 में से पहली बिल्डिंग कही जाती है। सबसे पहले कर्तव्य भवन-03 का उद्घाटन हुआ है। इतना ही नहीं इसे दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर स्थित विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक साथ लाकर उनके मध्य बेहतर कोआर्डिनेशन और कामों में तेजी लाने के लिए इसे तैयार किया गया है।
खबरों का कहना है कि इसमें ग्राउंड फ्लोर सहित 7 फ्लोर हैं। इतना ही नहीं यहां गृह मंत्रालय, MSME मंत्रालय, कार्मिक,विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो के ऑफिस में होने वाले है।
वहीं ये भी कहा जा रहा है कि कर्तव्य भवन 1.5 लाख वर्ग मीटर तक फैला हुआ है। यहां एक साथ 600 कारें खड़ी हो पाएंगी। इसमें क्रेच (शिशुगृह), योग रूम, मेडिकल रूम, कैफे, किचन एवं हॉल है। कर्तव्य भवन में 24 कॉन्फ्रेंस रूम भी बनाया गया है। हर रूम 45 लोगों के बैठने तक की क्षमता है।
सरकार के मुताबिक, अभी कई मंत्रालय 1950 और 1970 के दशक के मध्य बने शास्त्री भवन, और कृषि भवन, उद्योग भवन, निर्माण भवन जैसी पुरानी इमारतों में भी कार्य करते है, जो अब संरचनात्मक रूप से बुरी तरह से जर्जर हो गई थी।
बल्कि अब ये भी कहा जा रहा है कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंतर्गत नया संसद भवन बना सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट मोदी गवर्नमेंट की 1 महत्वाकांक्षी री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है, जिसका मकसद दिल्ली स्थित सेंट्रल विस्टा एरिया का पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण किया जाना है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंतर्गत, सरकार ने नया संसद भवन और उपराष्ट्रपति एन्क्लेव का निर्माण किया है और विजय चौक से इंडिया गेट तक फैले कर्तव्य पथ का पुनर्विकास किया।