3,300 करोड़ की संपत्ति वाले भाजपा विधायक पराग शाह ने छोड़ा वैभव, एक दिन भिखारी बनकर मांगी भीख

पराग शाह के अनुसार, हम कौन हैं, हमारे पास कितना पैसा है या समाज में हमारा क्या ऊँचा ओहदा है, यह सब इस बात से कहीं कम मायने रखता है कि हम अपने सामने वाले व्यक्ति को एक इंसान के तौर पर कितनी गहराई से समझते हैं। जिंदगी की भागदौड़ में हम अक्सर इस सीधी-सी बात को भूल जाते हैं। फिर भी, इस अनुभव ने मेरे मन पर एक बार फिर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने लिखा कि जिंदगी की भागदौड़ में लोग अक्सर इस सीधी-सी बात को भूल जाते हैं, लेकिन इस अनुभव ने इसे एक बार फिर उनके मन में पक्का कर दिया।

3,300 करोड़ की संपत्ति वाले भाजपा विधायक पराग शाह ने छोड़ा वैभव, एक दिन भिखारी बनकर मांगी भीख

पराग शाह की गिनती भारत के सबसे अमीर नेताओं में होती है।

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Highlights

  • पर्युषण पर्व पर गुरुदेव नम्रमुनि महाराज की प्रेरणा से पराग ने यह अनुभव किया।
  • कुछ लोगों ने पराग को डांटा और नजरअंदाज किया, जबकि कुछ ने इंसानियत के नाते की मदद।
  • मुंबई निवासियों के व्यवहार ने पराग को एहसास कराया की असली अमीरी इंसानियत और अपनेपन में है।

महाराष्ट्र की घाटकोपर ईस्ट सीट से भाजपा विधायक पराग शाह इन दिनों अपने एक अनोखे कदम के कारण चर्चा में हैं। गुरुदेव नम्रमुनि महाराज साहेब की शिक्षाओं से प्रेरित होकर, उन्होंने अपनी लग्जरी गाड़ियां, सुरक्षा और महंगी चीजें छोड़ दी। पराग शाह एक दिन के लिए भिखारी का भेष धारण कर मुंबई की सड़कों पर उतरे और भीख मांगकर समय बिताया।

इसका एक वीडियो X पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "पवित्र पर्युषण पर्व पर एक प्रेरणादायी अनुभव। परम पूज्य राष्ट्रसंत श्री नम्रमुनि महाराज साहेब ने अपने प्रवचन में समाज के जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशीलता, करुणा और मानवता का संदेश दिया। गुरुदेव की आज्ञा का पालन करते हुए वेशभूषा बदलकर घाटकोपर रेलवे स्टेशन परिसर में आम नागरिकों के बीच समय बिताया और उनके जीवन की वास्तविकताओं को करीब से अनुभव किया।"

X पर एक और वीडियो पोस्ट करते हुए पराग शाह ने साझा किया कि गुरुदेव नम्रमुनि महाराज की प्रेरणा से उन्होंने एक दिन भिखारी का वेश धारण करके बिताया। इस अनुभव ने उन्हें जीवन का एक बहुत जरूरी सबक सिखाया। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें डांटा, तो कुछ ने नजरअंदाज कर दिया। फिर भी, कुछ ऐसे लोग भी थे जिन्होंने उन्हें बिना जाने, सिर्फ इंसानियत के नाते मदद का हाथ बढ़ाया। उन पलों में विधायक को गहराई से एहसास हुआ कि रुतबे, दौलत और प्रतिष्ठा से मिलने वाला सम्मान क्षणिक होता है, जबकि असली अमीरी इंसानियत से उपजे सम्मान और अपनेपन में है।

पराग शाह के अनुसार, हम कौन हैं, हमारे पास कितना पैसा है या समाज में हमारा क्या ऊँचा ओहदा है, यह सब इस बात से कहीं कम मायने रखता है कि हम अपने सामने वाले व्यक्ति को एक इंसान के तौर पर कितनी गहराई से समझते हैं। जिंदगी की भागदौड़ में हम अक्सर इस सीधी-सी बात को भूल जाते हैं। फिर भी, इस अनुभव ने मेरे मन पर एक बार फिर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने लिखा कि जिंदगी की भागदौड़ में लोग अक्सर इस सीधी-सी बात को भूल जाते हैं, लेकिन इस अनुभव ने इसे एक बार फिर उनके मन में पक्का कर दिया। 

इस पूरे घटनाक्रम के बीच, मुंबई के लोगों की इंसानियत ने उनके दिल को सबसे ज्यादा छुआ। वे ऐसे कई मुंबईकरों से मिले जिन्होंने किसी अजनबी को देखकर उसकी जरूरत को समझा और मदद के लिए आगे आए। पराग ने कहा कि उसमें न कोई स्वार्थ था और न कोई उम्मीद, बस इंसानियत थी। इस अनुभव ने उन्हें एहसास कराया कि मुंबई सिर्फ सपनों का शहर नहीं है, बल्कि दिलों का शहर भी है जो इंसानियत की कद्र करते हैं।

उन्होंने अंत में लिखा कि गुरुदेव नम्रमुनि महाराज की प्रेरणा से मिला यह अनुभव उनके लिए सिर्फ एक दिन का प्रयोग नहीं था, बल्कि इंसानियत का एक ऐसा अनमोल सबक था जिसे वे जीवन भर याद रखेंगे। सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, देश के सबसे अमीर नेताओं में से एक पराग शाह की घोषित संपत्ति 3,300 करोड़ रूपए से ज्यादा है। मैन इन्फ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड (MICL) के चेयरमैन होने के नाते उनके पास धन की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उनका यह कदम वाकई बहुत अनूठा रहा।

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