रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) के लिए 31 मई 2026 का दिन यादगार रहा। टीम ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के फाइनल में गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट और 12 गेंदें शेष रहते पराजित कर दिया। इसी के साथ RCB ने लगातार दूसरे साल IPL ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया। इस तरह RCB चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और मुंबई इंडियंस (MI) के बाद खिताब बरकरार रखने वाली तीसरी टीम बन गई है। CSK 2010 और 2011, वहीं MI 2019 और 2020 में लगातार दो बार ये खिताब जीत चुकी है। 17 वर्षों तक एक भी ट्रॉफी न जीत पाने के कारण RCB को जमकर ट्रोल किया जाता था।
हालांकि 2025 में पहली बार IPL टाइटल जीतकर RCB ने सभी आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। उन्होंने इस साल भी इस लय को बरकरार रखा। एक नजर उन टीम के उन नायकों पर, जिन्होंने इस ट्रॉफी को RCB के पास ही बनाए रखने में बड़ा योगदान दिया। RCB के पूर्व कप्तान और क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाजों में से एक विराट कोहली के लिए ये सीजन भी शानदार रहा। 2025 में 657 रन बनाने वाले विराट ने इस साल भी 675 रन बनाए और टीम को दूसरी बार ट्रॉफी दिलाने में बड़ा रोल अदा किया। ये विराट का लगातार चौथा सीजन था, जब उन्होंने 600 से अधिक रन बनाए।
2026 में वो सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में चौथे स्थान पर रहे। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 105* रहा, जो उन्होंने कोलकाता नाईट राइडर्स (KKR) के खिलाफ बनाए थे। इस साल के फाइनल में भी उनके बल्ले से 75* रनों की मैच विनिंग पारी निकली, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। गेंदबाजों में अनुभवी भुवनेश्वर कुमार ने भी इस साल कमाल दिखाया। उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट झटके और टॉप विकेट-टेकर्स में दूसरे नंबर पर रहे। इस साल उनका बेस्ट प्रदर्शन 4/23 रहा, जो MI के विरूद्ध आया था।
फाइनल में भी उन्होंने 4 ओवरों में 29 रन देकर 2 विकेट झटके। भुवनेश्वर का प्रदर्शन 2025 से बेहतर रहा। उन्होंने पिछले साल 17 विकेट हासिल किए थे। RCB के कप्तान और इंदौर में जन्मे रजत पाटीदार के लिए भी ये सीजन शानदार रहा। उन्होंने इस साल 501 रन बनाए और RCB की रनगति को बनाए रखने में अपना योगदान दिया। उन्होंने GT के खिलाफ क्वालीफायर-1 में 93* रन बनाए, जिसकी बदौलत बेंगलुरू ने गुजरात के सामने 255 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा कर दिया था। रजत के लिए 2026 बहुत ही अच्छा रहा। ये उनका पहला IPL सीजन रहा, जब उन्होंने 500 से अधिक रन बनाए।
एक और इंदौरी, जिसने इस साल कमाल दिखाया, वो है वेंकटेश अय्यर। हालांकि इस साल उन्होंने केवल 7 ही मैच खेले, लेकिन उसमें भी उन्होंने 52.25 की औसत से 209 रन बनाए। पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ खेली गई 73* रनों की धमाकेदार पारी ने RCB का प्लेऑफ्स में स्थान पक्का कर दिया था। ये सूची यहीं खत्म नहीं होती। देवदत्त पडीक्कल (464 रन), फिल सॉल्ट (202 रन), क्रुणाल पंड्या (226 रन, 14 विकेट), टिम डेविड (305 रन), जोश हेजलवुड (15 विकेट) और रसिख डार (19 विकेट) ने भी RCB को एक बार विजेता बनाने में अपना-अपना योगदान दिया है।