पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि, अखिलेश यादव ने कसा तंज, कहा आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार के बचाव में जानकारी और एक चार्ट साझा करते हुए सोशल मीडिया पर बताया, "पश्चिम एशिया में हुए संघर्ष के बाद जब पूरी दुनिया फ्यूल की बढ़ती कीमतों से जूझ रही थी, तब भारत सबसे अलग खड़ा रहा। जहाँ कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20% से लेकर लगभग 100% तक की बढ़ोतरी देखी गई, वहीं भारत ने इस बढ़ोतरी को पेट्रोल के लिए केवल +3.2% और डीज़ल के लिए +3.4% तक ही सीमित रखा।"

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि, अखिलेश यादव ने कसा तंज, कहा आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प

तस्वीर में अखिलेश कह रहे है की साइकिल से बेहतर कुछ नहीं।

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Highlights

  • पेट्रोल-डीजल के अलावा CNG की कीमतों में भी 2 रूपए का इजाफा हुआ है।
  • कांग्रेस ने X पर एक पोस्ट में लिखा चुनाव खत्म - मोदी की वसूली शुरू।
  • तृणमूल कांग्रेस ने भी X पर लिखा की लोगों ने भाजपा को वोट दिया और बदले में उन्हें तकलीफें मिलीं।

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल आया है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रूपए की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दाम 97.77 रूपए और डीजल के दाम 90.67 रूपए प्रति लीटर हो गए हैं। इसके अलावा CNG की कीमतों में भी 2 रूपए की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद से विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सरकार पर तंज कसा है।

उन्होंने X पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें लिखा है, "पेट्रोल कम खर्च करें: पीएम।" तस्वीर में अखिलेश साइकिल चलाते हुए कह रहे हैं, "हमनें तो पहले ही कहा कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं।" तस्वीर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, "आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।" कांग्रेस ने भी X पर एक पोस्ट में लिखा, "महंगाई मैन' मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया। पेट्रोल और डीजल 3-3 रूपए महंगा कर दिया गया, वहीं CNG के दाम भी 2 रूपए बढ़ा दिए गए। चुनाव खत्म - मोदी की वसूली शुरू।"

हाल ही में पश्चिम बंगाल चुनाव हारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी एक पोस्ट में लिखा, "जब हमारे प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एक और आलीशान विदेश दौरे पर निकल पड़ते हैं, तो उनके "प्यारे देशवासियों" को बढ़ती कीमतों और कभी न खत्म होने वाली मुश्किलों का बोझ उठाने के लिए पीछे छोड़ दिया जाता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह ताजा बढ़ोतरी, तथाकथित "ऐतिहासिक जनादेश" मिलने के महज कुछ ही दिनों बाद हुई है, जो इस "डबल-इंजन सरकार" को सौंपा गया था। लोगों ने वोट दिया और बदले में उन्हें तुरंत तकलीफें मिलीं। यह तो अभी बस शुरुआत है।"

हालांकि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार के बचाव में जानकारी और एक चार्ट साझा करते हुए सोशल मीडिया पर बताया, "पश्चिम एशिया में हुए संघर्ष के बाद जब पूरी दुनिया फ्यूल की बढ़ती कीमतों से जूझ रही थी, तब भारत सबसे अलग खड़ा रहा। जहाँ कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20% से लेकर लगभग 100% तक की बढ़ोतरी देखी गई, वहीं भारत ने इस बढ़ोतरी को पेट्रोल के लिए केवल +3.2% और डीज़ल के लिए +3.4% तक ही सीमित रखा।"

उन्होंने आगे लिखा, "यहाँ तक कि जब ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई और वैश्विक बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, तब भी भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने नागरिकों को महँगाई और आर्थिक दबाव से बचाने के लिए हफ्तों तक भारी नुकसान खुद उठाया। यही है जिम्मेदारी के साथ शासन। यह ऐसी नेतृत्व क्षमता है जो लोगों को सबसे पहले रखती है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, भारत आर्थिक स्थिरता और जन-कल्याण के बीच लगातार संतुलन बनाए हुए है।"

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