अगले साल पंजाब में चुनाव होने वाले हैं। इसे देखते हुए, अकाली दल-वारिस पंजाब दे (AD-WPD) ने एक उम्मीदवार का ऐलान किया है। AD-WPD ने फतेहगढ़ साहिब जिले की बस्सी पठाना सीट से सतवंत सिंह को मैदान में उतारा है। सतवंत सिंह, केहर सिंह के बेटे हैं, जिन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और बाद में फांसी दी गई थी। यह घोषणा खडूर साहिब से लोकसभा सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने की। अमृतपाल खालिस्तान आंदोलन का समर्थन करने के आरोपों के कारण कुछ समय से जेल में हैं। इस दौरान वहां फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा भी मौजूद थे।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तरसेम सिंह ने कहा कि "अकाली दल वारिस पंजाब की राजनीति सिर्फ सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन परिवारों का सम्मान बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्होंने पंथिक सिद्धांतों, पंजाब के अधिकारों और समुदाय के लिए बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कुछ लोग कह रहे थे कि अकाली दल वारिस पंजाब उन परिवारों को दरकिनार कर रहा है जिन्होंने पंथ और समुदाय के लिए बलिदान दिया है। इसलिए आज, एक शहीद परिवार से पहली उम्मीदवारी की घोषणा करके, अकाली दल वारिस पंजाब ने इस धारणा को सिरे से खारिज कर दिया है।"
तरसेम सिंह ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों में भी उचित स्थान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अकाली दल वारिस पंजाब, पंथिक सिद्धांतों, पंजाब के अधिकारों, शहीद परिवारों के सम्मान और पंजाब के भविष्य को केंद्र में रखते हुए पंजाब की राजनीति में अपना राजनीतिक संघर्ष जारी रखेगा।
इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए सरबजीत सिंह खालसा ने कहा कि "शिरोमणि अकाली दल वारिस पंजाब ने बस्सी पठाना विधानसभा क्षेत्र से केहर सिंह के बेटे सतवंत सिंह को उम्मीदवार बनाया है। मैं उन्हें बहुत बधाई देता हूँ क्योंकि उनका गांव भी इसी विधानसभा क्षेत्र, बस्सी पठाना में आता है और वे वहीं काम भी करते हैं। हर साल, अपने पिता शहीद केहर सिंह की बरसी पर वे वहाँ कार्यक्रम भी आयोजित करते हैं।"