झारखंड के रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है। आज, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों में से एक, राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद, उन्हें एम्बुलेंस से रांची के सदर अस्पताल ले जाया गया। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने बताया कि राहुल को तेज सिरदर्द हो रहा है और उनकी पल्स ऊपर-नीचे हो रही है। डॉक्टर के अनुसार, हार्ट अटैक का खतरा है। इसलिए, उन्हें इमरजेंसी केस के तौर पर सदर अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।
आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी इस परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। मॉनसून सत्र के दूसरे दिन, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने विपक्षी विधायकों के साथ मिलकर विधानसभा परिसर में राज्य भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध जताया। विरोध प्रदर्शन के दौरान, BJP विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पूरे देश को उनसे सीखना चाहिए कि विरोध प्रदर्शन कैसे किया जाता है।
उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का उलेख करते हुए कहा कि यह जंतर-मंतर पर पिज्जा और बर्गर खाने वाला प्रदर्शन नहीं है। विरोध प्रदर्शन इतने लंबे समय से चल रहा है, फिर भी प्रशासन बातचीत करने या छात्रों की मांगें मानने को तैयार नहीं हैं। सरकार कहां सो रही है? उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। जिस तरह से नौकरियां बेची गई हैं और इसमें शामिल लोगों का आचरण और चरित्र जिस तरह का रहा है, वह बेहद संदिग्ध है। सरकार को इस मामले पर ध्यान देने की जरूरत है।
एक और विधायक, सीपी सिंह ने भी दिल्ली और झारखंड में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच का फर्क बताया। उन्होंने कहा कि वहां हुए विरोध प्रदर्शनों में 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगाए गए और शरजील इमाम व उमर खालिद की रिहाई की माँग की गई। ऐसे बयान दिए गए कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग नहीं है। देश-विरोधी नारे लगाए गए और देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ बातें कहीं गईं। इसके उलट, यहां लोग 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगा रहे हैं, तिरंगा यात्राएँ निकाल रहे हैं और अपने गुरूजी की तस्वीरें लेकर शांतिपूर्ण जुलूस निकाल रहे हैं। यही वह अंतर है जिसे समझने की जरूरत है।
इस बीच, जंतर-मंतर के प्रदर्शन में खाना बांटकर मशहूर हुए मोहम्मद जुनैद रांची आए और उन्होंने यहां भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों को खाना और अन्य जरूरी सामान बांटा। जुनैद ने कहा कि वहां के छात्र भी इसी देश के नागरिक हैं और यहां के छात्र भी इसी देश के नागरिक हैं। उनके साथ अन्याय हो रहा था और यहां भी अन्याय हो रहा है। जहां भी छात्रों को नुकसान या अन्याय का सामना करना पड़ेगा, हम उनके संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे। चाहे JPSC का मामला हो या JSSC का, इन परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को रोका जाना चाहिए।
इस बीच, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल जारी है। सरकार के साथ बातचीत के बारे में देवेंद्र ने बताया कि अभी तक कोई खास समय या तारीख तय नहीं हुई है। उन्हें अपनी टीम से बस इतना ही पता चला है कि बातचीत होगी। अभी तक सरकार के किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया है। उनका मानना है कि अगर जांच होती है, तो इन लोगों से जुड़े कई बड़े चेहरों का असली रूप सामने आ जाएगा और उनकी बदनामी होगी।
अपनी सेहत के बारे में बात करते हुए देवेंद्र ने कहा, "मैं बस सुन, सोच और बोल सकता हूं, बाकी शरीर मेरा साथ नहीं दे रहा है।" सरकार का रवैया देखकर ऐसा लगता है कि वे छात्रों के मुद्दों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। डॉक्टरों ने देवेंद्र को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है और चेतावनी दी है कि अगर उनकी हालत और बिगड़ी, तो उनकी जान को खतरा हो सकता है और स्थिति को संभालना मुश्किल हो जाएगा।