भारत की राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर सामने आई है। स्विस परिसंघ (स्विट्जरलैंड) के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन 5 से 7 अक्टूबर तक भारत के दौरे पर हैं। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों और बिजनेस लीडर्स का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। यह राष्ट्रपति पार्मेलिन की भारत की पहली राजकीय यात्रा और इस साल की दूसरी यात्रा है। इससे पहले, उन्होंने फरवरी 2026 में AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भारत का दौरा किया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर उनके आगमन की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, " भारत में हार्दिक स्वागत! स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन भारत की राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच गए हैं। राष्ट्रपति पार्मेलिन को औपचारिक 'स्टैटिक गार्ड' सम्मान दिया गया और एयरपोर्ट पर राज्य मंत्री अजय टम्टा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति पार्मेलिन की यह यात्रा भारत और स्विस परिसंघ के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करेगी।
दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में भी राष्ट्रपति पार्मेलिन का औपचारिक स्वागत किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे। राष्ट्रपति पार्मेलिन महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट भी पहुंचे। भारत की अपनी राजकीय यात्रा पर, उन्होंने कहा कि यह यात्रा उस महत्व पर जोर देने का एक शानदार मौका है जो स्विट्जरलैंड और भारत दोनों ही इस रिश्ते को देते हैं। हमारे दोनों देशों के बीच का रिश्ता साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ-साथ भरोसे और आपसी सम्मान पर टिका है।
मेरी यह यात्रा हमारी करीबी, व्यापक और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और बढ़ाने, गहरा करने और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। मुझे खुशी और सम्मान महसूस हो रहा है कि हमें द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका मिला है। मुझे इस बात की भी खास खुशी है कि भारत में मेरे प्रवास के दौरान हम भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने की पहली वर्षगांठ मना सकेंगे। यह इस बात का जश्न मनाने का सही समय है कि हमने साथ मिलकर कितनी प्रगति की है, लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है कि हम अपने साझा भविष्य को आकार दें।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पार्मेलिन ने हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बातचीत की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, मोबिलिटी, संस्कृति जैसे कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।