महिला के वायरल Gen Z बयान पर आर्मी वेटरन्स ने जताई कड़ी नाराजगी, कहा सैनिकों का अनादर गलत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 25 जुलाई को हुई, जब रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के आने-जाने की वजह से ज़ोजिला-गुमरी रूट पर ट्रैफिक रोक दिया गया था। हालांकि उन्हें हवाई मार्ग से यात्रा करनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें हेलीकॉप्टर से गुमरी जाना पड़ा और वहां से वे सड़क मार्ग से कारगिल गए। सूत्रों ने बताया कि उनके आने-जाने में आसानी के लिए ट्रैफिक रोका गया था, जिससे पर्यटकों और अन्य यात्रियों को देरी हुई।

महिला के वायरल Gen Z बयान पर आर्मी वेटरन्स ने जताई कड़ी नाराजगी, कहा सैनिकों का अनादर गलत

भारतीय सेना के कई पूर्व अधिकारियों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है।

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Highlights

  • जनरल वीके सिंह ने कहा की आलोचना तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए, न की भावनाओं या बेबुनियाद आरोपों पर होनी चाहिए
  • सैनिकों के बलिदान का अपमान टैक्स से सैलरी वाले बयान पर लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ का पलटवार।
  • जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का तंज हम Gen Z है ने ली जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है की जगह।

लद्दाख के मिनामार्ग चेकपॉइंट/चेकपोस्ट पर सुरक्षाकर्मियों के साथ एक महिला की बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इसमें उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है, "हम Gen-Z हैं, हम इसे सहन नहीं करेंगे।" इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। विशेष रूप से, सेना के कई पूर्व अधिकारियों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है।

मिजोरम के राज्यपाल और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी. के. सिंह ने X पर लिखा कि, "भारत की सेनाएं हमारे देश और उसे नुकसान पहुँचाने की कोशिश करने वालों के बीच एक ढाल की तरह खड़ी हैं। मिनामार्ग की घटना हमारे सैनिकों के साहस, बलिदान और सतर्कता की एक बड़ी मिसाल है। हालात चाहे जो भी हों, हमारे सैनिकों पर गलत आरोप लगाना या उनका अनादर करना गलत है। आलोचना तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए, न कि भावनाओं या बेबुनियाद आरोपों पर। हम उन लोगों के साथ खड़े हैं जो भारत की सेवा करते हैं और देश के लिए बलिदान देते हैं।"

लेफ्टिनेंट जनरल कंवल जीत सिंह ढिल्लों ने भी इस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी और उस इलाके में तैनात सैनिकों का बचाव किया। उन्होंने X पर लिखा, "माय डिअर लेडी, सैनिक अपनी तनख्वाह मिलने से पहले ही टैक्स चुका देते हैं। आप ऐसी जगहों पर छुट्टियां मनाने जा सकती हैं क्योंकि हमारे सैनिक अपनी जान की बाजी लगाकर दिन-रात वहां पहरा देते हैं। आपकी भाषा आपकी अच्छी परवरिश और शिक्षा को दर्शाती है। हमेशा सम्मान के साथ बात करें। अपने अधिकारों की मांग करने से पहले कानून का पालन करने वाला एक अच्छा नागरिक बनना सीखें। आखिर में गेट वेल सून।"

लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने भी सोशल मीडिया पर लिखा, "लद्दाख में, जहां ट्रैफिक को कंट्रोल किया जा रहा था, एक महिला टूरिस्ट ने कहा, 'आर्मी की सैलरी हमारे टैक्स से दी जाती है।' मुझे अधिक जानकारी तो नहीं है, लेकिन यह कमेंट सैनिकों के बलिदान का अपमान है। आर्मी के जवान भी टैक्स देते हैं। बॉर्डर एरिया होने के कारण, लद्दाख में सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील बातें होती हैं।"

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस वीडियो पर रिएक्ट किया है। उन्होंने लिखा कि यह "हम Gen Z हैं" अब नया "जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है" बन गया है। Gen Z के प्रति किसी भी तरह की सहानुभूति को खत्म करने का सबसे आसान तरीका यह है कि छोटी-मोटी बात पर भी इसे धमकी की तरह इस्तेमाल किया जाए।"

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 25 जुलाई को हुई, जब रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के आने-जाने की वजह से ज़ोजिला-गुमरी रूट पर ट्रैफिक रोक दिया गया था। हालांकि उन्हें हवाई मार्ग से यात्रा करनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें हेलीकॉप्टर से गुमरी जाना पड़ा और वहां से वे सड़क मार्ग से कारगिल गए।

सूत्रों ने बताया कि उनके आने-जाने में आसानी के लिए ट्रैफिक रोका गया था, जिससे पर्यटकों और अन्य यात्रियों को देरी हुई। चेकपॉइंट पर महिला को सुरक्षाकर्मियों से गुस्से में बहस करते देखा गया। उसका कहना था कि वे पर्यटक हैं, कश्मीरी नहीं और इसलिए उन पर ऐसी पाबंदियां नहीं लगाई जानी चाहिए। VIP काफिले के उस इलाके से गुजरने के बाद पर्यटकों को आगे बढ़ने की इजाजत दी गई।

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