श्मशान में लगे झूले तो लोगों ने भूत बनकर किया विरोध, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

महाराष्ट्र के बीड़ जिले में लिंगायत समुदाय ने श्मशान घाट पर ASI के कब्जे के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। श्मशान में झूले लगाकर और 'भूत' बनकर लोगों ने अपनी नाराजगी जताई। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिससे समुदाय की मांगों को समर्थन मिल रहा है। प्रशासन ने कार्रवाई का वादा किया है, लेकिन मुद्दा अभी अनसुलझा है।

श्मशान में लगे झूले तो लोगों ने भूत बनकर किया विरोध, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

श्मशान में झूले और 'भूत' बनकर विरोध, बीड़ में लिंगायत समुदाय का अनोखा प्रदर्शन वायरल

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Highlights

  • महाराष्ट्र के बीड़ में लिंगायत समुदाय ने श्मशान घाट पर ASI के कब्जे के खिलाफ अनोखा विरोध किया।
  • श्मशान में झूले लगाए गए, कुछ लोग 'भूत' बनकर शामिल हुए।
  • प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन समाधान बाकी।

मुंबई: महाराष्ट्र के बीड़ जिले में एक अनोखी घटना ने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है, जहां स्थानीय लिंगायत समुदाय ने श्मशान घाट पर पुरातत्व विभाग (ASI) के कब्जे के विरुद्ध अनोखे अंदाज में जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इतना ही नहीं समुदाय के लोगों ने श्मशान घाट में झूले लगाए एवं कुछ लोगों ने 'भूत' बनकर विरोध करना शुरू किया, इसका एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। 

खबरों का कहना है कि बीड़ के बाराखांबी इलाके में स्थित पारंपरिक श्मशान घाट पर ASI द्वारा कब्जे का दावा भी कर लिया है, इसकी वजह से लिंगायत समुदाय को अपने मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए स्थान नहीं बचा है। इससे नाराज समुदाय ने विरोध के लिए अनोखा तरीका अपना लिया। प्रदर्शनकारियों ने श्मशान घाट में झूले लगाए और कुछ लोग भूत की वेशभूषा में वहां मौजूद रहे, ताकि इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उजागर कर सके।

इसके साथ साथ समुदाय के सदस्यों ने एक लिंगायत व्यक्ति के शव को अंबाजोगाई नगर परिषद कार्यालय के सामने लाकर भी विरोध व्यक्त किया। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे लिंगायत समुदाय की नाराजगी और उनकी मांगों को व्यापक समर्थन भी मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इस अनोखे विरोध की तारीफ कर रहे हैं, साथ ही कुछ लोग इसे अंधविश्वास से जोड़कर सवाल भी उठा रहे हैं।

एक यूजर ने इस बारें में लिखते हुए कहा है कि, "यह विरोध का अनोखा तरीका है, लेकिन श्मशान जैसे संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।" वहीं, कुछ लोगों ने इसे डरावना लेकिन प्रभावी कहा है। स्थानीय प्रशासन ने इस केस में कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया यह घटना न केवल सामाजिक और प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर करती है, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से जनता की आवाज को बुलंद करने की ताकत को भी दर्शा रही है।

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