क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के समापन के बाद अब इंग्लैंड में महिला टी-20 विश्व कप का आगाज होने जा रहा है। पिछले वर्ष 50 ओवर के विश्व कप पर कब्जा जमाने के बाद अब भारतीय शेरनियों की नजरें टी-20 फॉर्मेट पर होंगी। भारतीय महिला टीम अब तक एक भी टी-20 विश्व कप नहीं जीत पाई है। जाहिर है कि 2026 में इसे हासिल कर वो एक लंबे सूखे को खत्म करना चाहेगी। आज पहला मैच इंग्लैंड और श्रीलंका की टीमों के बीच खेला जाएगा। श्रीलंका की कप्तानी चमारी अट्टापट्टू के हाथों में होगी वहीं इंग्लैंड का नेतृत्व नैट साइवर-ब्रंट करेंगी।
इस प्रतियोगिता के लिए भारतीय स्क्वॉड पर नजर डालें, तो टीम की कमान अनुभवी खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर संभालेंगी। बल्लेबाजों में स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्ज जैसे शानदार प्लेयर्स हैं, जिन्होंने 2025 में भारत को विजयी बनाने में अहम भूमिका निभाई। इनके अलावा मात्र 4 टी-20 मैचों का तजुर्बा रखने वाली भारती फुलमाली को इस स्क्वॉड का हिस्सा बनाया गया है। ऑलराउंडर्स में कप्तान हरमनप्रीत के अलावा दीप्ति शर्मा और अरूंधति रेड्डी पर भी बड़ी जवाबदारी होगी। वनडे विश्व कप में सबसे अधिक विकेट चटकाने वाली और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुनीं गईं दीप्ति पर सबकी नजरें होंगी। इस फॉर्मेट में भी उनसे दमदार प्रदर्शन की उम्मीदें होंगी।
विकेटकीपिंग का दारोमदार ऋचा घोष और यास्तिका भाटिया पर होगा। वहीं बोलिंग यूनिट पर नजर डालें, तो इसमें रेणुका सिंह ठाकुर, मध्य प्रदेश के घुवारा से ताल्लुक रखने वाली क्रांति गौड़, श्री चरणी, श्रेयांका पाटिल, नंदनी शर्मा और राधा यादव जैसे गेंदबाज शामिल हैं। भारतीय टीम के हालिया प्रदर्शन का जिक्र करें, तो भारत ने इंग्लैंड में उनके खिलाफ तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली थी, जिसमें भारत को 2-1 से पराजय का सामना करना पड़ा था। इस श्रृंखला में भारत की यास्तिका ने सर्वाधिक 119 रन बनाए थे।
यदि भारत की कमजोरियों पर नजर डालें, तो टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना पिछले 6 टी-20 मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा सकीं हैं। इन 6 मैचों में उनका हाई-स्कोर 37 रहा है। उनके बल्ले से आखिरी हाफ-सेंचुरी फरवरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई थी। शेफाली वर्मा का फॉर्म भी चिंता का विषय है। इंग्लैंड दौरे पर उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी मात्र 22 ही है। यदि यही हाल इस टूर्नामेंट में भी बना रहा, तो ये भारत के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। इसके अतिरिक्त अंतिम ओवरों में अच्छी गेंदबाजी करने पर काम करने की जरूरत है।
कुछ मजबूत पॉइंट्स पर भी डालें तो, ऋचा घोष इस प्रतियोगिता में भारत के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती हैं। अभी इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए वॉर्म-अप मैच में उन्होंने 36 गेंदों पर 68 रनों की तूफानी पारी खेली थी। वो अक्सर मैच फिनिश करती हुई दिखाई देती हैं। 2025 के विश्व कप में भी उन्होंने कई अहम पारियां खेली थीं। इनमें 5 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ 20 गेंदों में 35*, 9 अक्टूबर को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 77 गेंदों में 94, 12 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 गेंदों में 32, सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ 16 गेंदों में 26 और फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 24 गेंदों में 34 रनों की पारियां शामिल हैं। ऋचा यदि ऐसा प्रदर्शन इस बार भी दोहराती हैं, तो भारतीय टीम के लिए ये बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
उनके अलावा भारती फुलमाली ने भी वेस्टइंडीज के खिलाफ, वॉर्म-अप मैच में 56* रनों की उत्कृष्ट पारी खेली थी। वहीं गेंदबाजी में श्रेयांका पाटिल और दीप्ति शर्मा भी अच्छे फॉर्म में हैं। श्रेयांका ने इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में 4 ओवर में 29 रन देकर 2 विकेट भी झटके थे। यदि लीग मैचों पर नजर डालें, तो भारत 14 जून को अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगा। इसके अलावा भारतीय टीम 17 जून को नीदरलैंड्स, 21 जून को दक्षिण अफ्रीका, 25 जून को बांग्लादेश और 28 जून को ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला करेगी। सभी देशवासी यही चाहेंगे कि हमारी भारतीय शेरनियां इस ट्रॉफी को भी घर लेकर आएं।