मोदी सरकार के 12 साल, कुछ प्रमुख उपलब्धियों पर एक नजर, जिन्होंने बदली भारत की तस्वीर

​रक्षा क्षेत्र में भी भारत ने जो माइलस्टोन अचीव है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। 2016 उरी सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2025 में हुआ ऑपरेशन सिंदूर इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उरी में 35 से 50, वहीं बालाकोट में 250 से 300 आतंकी मारे गए। इसके अतिरिक्त ऑपरेशन सिंदूर में भी 100 से अधिक आतंकी मारे गए।

मोदी सरकार के 12 साल, कुछ प्रमुख उपलब्धियों पर एक नजर, जिन्होंने बदली भारत की तस्वीर

26 मई 2014 को ही नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।

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Highlights

  • अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण व आर्टिकल 370 को हटाना मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
  • मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) एक्ट, 2019 को पारित कर ट्रिपल तलाक को अमान्य घोषित कर दिया गया।
  • 2014 के बाद से संपूर्ण भारत में सड़क और रेल नेटवर्क में भी गजब की वृद्धि देखने को मिली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली BJP-NDA सरकार ने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 26 मई 2014 को जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि आने वाले समय में भारत, साथ ही भारतीयों में भी आमूल-चुल परिवर्तन आ जाएगा। एक नजर डालते हैं, उन प्रमुख निर्णयों और उपलब्धियों पर, जिसने लॉन्ग टर्म में इस देश अथवा यहां के लोगों के लिए एक बड़ी लकीर खींच दी है।

सबसे पहले बात करते हैं स्वच्छ भारत अभियान की। इस अभियान के तहत, भारत में एक दशक में ग्रामीण और शहरी घरों में 12 करोड़ टॉयलेट्स का निर्माण किया गया है। इन टॉयलेट्स के निर्माण के बाद, बड़े पैमाने में खुले में शौच करने पर गिरावट दर्ज की गई। यदि रिपोर्ट्स की मानें तो, शहरी क्षेत्रों में खुले में शौच को पूरी तरह से समाप्त बताया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी ये दर 11% तक ही रह गई है। 2025 की एक अपडेट के अनुसार, भारत की राष्ट्रीय खुले में शौच की दर 2024 में घटकर सिर्फ 7% ही रह गई है।

2014 के बाद भारत में सड़कों एवं हाइवे-एक्सप्रेसवे के निर्माण में भी व्यापक बढ़ोतरी देखी गई है। इन 12 वर्षों में अंडर-कंस्ट्रक्शन, आंशिक रूप से खुले अथवा ऑपरेशनल हाईवे-एक्सप्रेसवे में अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे, बेंगलुरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे, बेंगलुरू-मैसूरू एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे 44 (NH 44) प्रमुख हैं। NH 44 तो भारत का सबसे लंबा हाईवे है। यह जम्मू और कश्मीर के सबसे उत्तरी छोर से लेकर तमिलनाडु के सबसे दक्षिणी छोर तक फैला हुआ है। ये श्रीनगर से लेकर कन्याकुमारी तक 4,112 किलोमीटर (किमी) तक फैला हुआ है।

भारत का रेल नेटवर्क भी 2014 के बाद से काफी विकसित हुआ है। जानकारी के मुताबिक इन 12 वर्षों में अब तक, भारतीय रेलवे ने 31,000 किलोमीटर नई पटरियाँ बिछाई हैं और 45,000 किलोमीटर से ज़्यादा पटरियों का नवीनीकरण किया है। ब्रॉड-गेज पटरियों का इलेक्ट्रिफिकेशन 2014 से पहले के 21,801 किमी से बढ़कर फरवरी 2025 तक 45,922 किमी हो गया है। रेल कनेक्टिविटी का विस्तार उन क्षेत्रों तक भी हुआ है जो पहले रेल नेटवर्क से नहीं जुड़े थे, जिनमें मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम शामिल हैं। मिजोरम आधिकारिक तौर पर 2025 में बैरबी-सैरांग लाइन के उद्घाटन के साथ राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ा।

इस लाइन के निर्माण के बाद, बैरबी से मिजोरम की राजधानी आइजोल तक पहुंचने का समय भी काफी कम हो गया है। पहले सड़क मार्ग से लगने वाले 6-7 घंटों के बजाय अब ट्रेन से 1 घंटे से भी कम समय लगता है। वहीं असम के सिलचर पहुँचने में अब सिर्फ 3 घंटे लगते हैं, जबकि सड़क मार्ग से पहले 8-12 घंटे लगते थे। इसमें कोई संदेह नहीं है कि 2014 के बाद से पूर्वोत्तर भारत पर कई क्षेत्रों में ध्यान दिया जा रहा है। असम की ही बात करें, तो यहां पर भी इंफ्रास्ट्रक्चर में गजब का सुधार देखने को मिला है। कुछ प्रमुख ब्रिजों की बात करें, तो इनमें कुमार भास्कर वर्मा सेतु प्रमुख है, जिसका नाम कामरूप के अंतिम शासक भास्करवर्मन के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा असम में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का सेमीकंडक्टर प्लांट भी निर्माणाधीन है और जल्द ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। ये तो कुछ गिने-चुने उदाहरण ही हैं।

मोदी सरकार के सबसे प्रमुख उपलब्धियों में से एक हैं जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाना। 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से इसको समाप्त कर दिया गया था। सभी जानते हैं कि इसे हटाना भाजपा के सबसे प्रमुख लक्ष्य और उद्देश्यों में से एक रहा है। आर्टिकल 370 को समाप्त कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एक विधान, एक निशान और एक प्रधान के सपने को साकार कर दिया। मोदी सरकार की संभवतः सबसे बड़ी उपलब्धि, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा, वह है अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर का शांतिपूर्वक निर्माण और इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न होना।

श्रीराम मंदिर से जुड़ी कुछ अहम तारीखों को याद करें, तो इनमें 5 अगस्त 2020, 22 जनवरी 2024 और 25 नवंबर 2025 शामिल हैं। 5 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भूमिपूजन और आधारशिला रखी गई थी, जिससे आधिकारिक तौर पर मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो गया था। वहीं 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्री राम मंदिर के गर्भगृह में राम लल्ला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इनके अतिरिक्त 25 नवंबर 2025 को "धर्म ध्वज" के आरोहण के साथ इस भव्य मंदिर का निर्माण पूर्ण हो गया।

साथ ही, इसी सरकार ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) एक्ट, 2019 को पारित कर, तीन बार बोलकर दिए जाने वाले तलाक-ए-बिद्दत (ट्रिपल तलाक) को कानूनी रूप से अमान्य घोषित कर दिया। फिलहाल यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) भी भाजपा की योजनाओं में शामिल है। उत्तराखंड और गुजरात में इसे लागू कर दिया गया है और असम विधानसभा में भी इस बिल को पेश कर दिया गया है, जहां इस पर जल्द ही चर्चा और बिल को पास कराने की भी तैयारी है।

​रक्षा क्षेत्र में भी भारत ने जो माइलस्टोन अचीव है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। 2016 उरी सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2025 में हुआ ऑपरेशन सिंदूर इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उरी में 35 से 50, वहीं बालाकोट में 250 से 300 आतंकी मारे गए।

ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करें, तो इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान और PoJK में लश्कर-ए-तैय्यबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिजबुल मुजाहिदीन (HM) के ठिकानों को निशाना बनाते हुए 9 बड़े आतंकी लॉन्चपैड को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। भारत की 'मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल कई बड़े आतंकी एक ही रात में मार गिराए गए, जिससे उनके प्रमुख ऑपरेशनल मॉड्यूल क्षतिग्रस्त हो गए। मारे गए आतंकियों में यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद शामिल हैं। इन कदमों से भारत ने अपने दुश्मनों को स्पष्ट संदेश किया कि, ये नया हिंदुस्तान है। ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी।

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