भारत की राजधानी दिल्ली से एक दुःखद खबर सामने आई है। यहां मालवीय नगर इलाके में एक होटल में आग लग गई। इस भीषण हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, वहीं करीब 40 लोगों को रेस्क्यू भी कर लिया गया है। मारे गए लोगों में अधिकतर नागरिक विदेशी थे। इस पूरे घटनाक्रम पर एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि, "आज सुबह 08:48 बजे, मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे B&B में आग लगने की सूचना मिली। स्थानीय पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और लोगों को बाहर निकालने और राहत कार्य शुरू कर दिए। 8 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की मदद से आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया है।" रेस्क्यू किए गए लोगों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। 3 लोगों की हालत गंभीर भी बताई जा रही है।
बचाव और तलाशी अभियान अभी भी जारी हैं और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां मौके पर तैनात हैं। इस घटना पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने शोक जताते हुए X पर लिखा, "दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना बेहद दुःखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) की ओर से, प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रूपए की सहायता राशि दी जाएगी। घायलों को 50 हजार रूपए दिए जाएंगे।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी एक ट्वीट में लिखा, "मालवीय नगर में भीषण आग की घटना में हुई जान-माल की भारी क्षति से मैं अत्यंत दुःखी हूँ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की और इस हृदयविदारक त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों को शक्ति व साहस मिलने की प्रार्थना करता हूँ। घटना की सूचना मिलते ही, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, DDMA, CATS एम्बुलेंस सेवा और अन्य आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों की टीमों को तुरंत सक्रिय किया गया और बचाव व राहत कार्य शुरू किए गए। उनकी त्वरित कार्रवाई की मदद से प्रभावित परिसर से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।"
उन्होंने आगे लिखा, "दिल्ली सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है। प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक चिकित्सा सहायता और सहयोग प्रदान किया जा रहा है। दुःख की इस घड़ी में, दिल्ली सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। हम इस त्रासदी से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" हादसे के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इस बिल्डिंग का मालिक, जो लापरवाही के लिए जिम्मेदार है, उसे गिरफ्तार किया जाएगा। किसी भी अवैध बिल्डिंग और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह जांच भी की जा रही है कि क्या इस बिल्डिंग को NOC मिली थी या नहीं।
एक स्थानीय निवासी वसीम राजा, जिन्होंने कई लोगों को बचाया, ने मीडिया से बात करते हुए बताया, "जैसे ही शॉर्ट सर्किट हुआ, हम यहां पहुंच गए। हम यहां पहुंचने वाले सबसे पहले लोग थे। यहां गद्दों की एक दुकान है जिसे नुकसान पहुंचा था। हमने वहां से गद्दे लिए और उन्हें सड़क पर बिछा दिया, ताकि उन विदेशियों की मदद कर सकें जो इमारत से कूद रहे थे। इसके तुरंत बाद, फायर ब्रिगेड और दिल्ली पुलिस की टीमें यहां पहुंच गईं। हमने इमारत के अंदर से कई विदेशी नागरिकों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला।"