भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून को एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं। 26 मई को मोदी सरकार के 12 साल तो पूरे हो ही चुके हैं। कल प्रधानमंत्री मोदी पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़कर भारत के सबसे लंबे समय तक चुने गए प्रधानमंत्री बन जाएंगे। मोदी अपने पद पर लगातार 4,399 दिन पूरे करेंगे।
ये भारत के पहले आम चुनाव के बाद, नेहरू जी के 4,398 दिनों के कार्यकाल से एक दिन ज्यादा है। प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री तो बन ही चुके हैं, साथ ही वो गुजरात के भी सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 12 साल और 227 दिनों तक रहा।
नेहरू जी ने 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक लगभग 16 साल और 286 दिनों तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। फिलहाल उन्हीं के नाम पर सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड है। हालांकि वो भी तीन ही चुनावों में, 1951-52, 1957 और 1962 में जनता द्वारा चुनकर आए थे। नेहरू जी के बाद दूसरे स्थान पर उनकी बेटी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आती हैं।
इंदिरा जी 15 साल 350 दिनों तक भारत की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं। उन्होंने 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 और 14 जनवरी 1980 से 31 अक्टूबर 1984 तक, इतने महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दीं। यदि प्रधानमंत्री मोदी 2029 में एक बार फिर जनता द्वारा चुनकर आते हैं और 2034 तक इस पद पर बने रहते हैं, तो वो नेहरू जी और इंदिरा जी, दोनों का ही रिकॉर्ड तोड़ देंगे।
फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी को इस कीर्तिमान के लिए, BJP-NDA के साथियों से बधाईयां भी मिल रही हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और TDP के मुखिया एन. चंद्रबाबू नायडू ने अपने एक आर्टिकल में लिखा कि, "मैंने अक्सर कहा है कि नरेंद्र मोदी भारत के लिए सही समय पर सही नेता (Right Leader at the Right Time) थे। 12 साल बाद, ये भरोसा और मजबूत हुआ है। इतिहास इस दौर को सिर्फ आर्थिक विकास या राजनीतिक स्थिरता के लिए ही नहीं, बल्कि उससे भी गहरी बात के लिए याद रखेगा, वह है भारत का खुद पर भरोसा वापस आना।" बता दें नायडू की पार्टी TDP, BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार में एक प्रमुख घटक दल है।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने भी एक लेख में लिखा कि, "जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री बनना, भारतीय लोकतंत्र की मज़बूती और विकास, दोनों को दर्शाता है।" साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय हितों की बिना किसी समझौते के रक्षा करने और जनता का लगातार समर्थन मिलने का श्रेय मोदी के नेतृत्व को दिया।
उन्होंने आगे लिखा कि, "प्रधानमंत्री मोदी का लंबा कार्यकाल नेहरू के रिकॉर्ड की याद दिलाता है और यह दिखाता है कि भारतीय लोकतंत्र न केवल बचा रहा, बल्कि समय के साथ और मजबूत हुआ। उन्होंने बताया कि 1947 में कई समान रूप से काबिल नेताओं में से नेहरू को देश का पहला प्रधानमंत्री असाधारण परिस्थितियों में चुना गया था और आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी के प्रभाव ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई थी।"
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी इस अवसर पर, X पर एक पोस्ट में कुछ उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, "12 साल पहले, श्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। सेवा के इन 12 वर्षों में, विदेश मंत्रालय और भारत की विदेश नीति में बड़ा बदलाव आया है। आम नागरिकों के लिए पासपोर्ट जारी करने और के सत्यापन की प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाया। विदेशों में मौजूद भारतीयों को दूतावासों के जरिए पूरी मदद दी और इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड का दायरा बढ़ाया। शिकायतों के समाधान और फीडबैक के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाए। संकट के समय में लोगों को सुरक्षित निकालने समेत कई जरूरी कदम उठाए। यूक्रेन, इजराइल, अफगानिस्तान और सूडान इसके कुछ उदाहरण हैं।"
उन्होंने आगे लिखा, "भारतीयों के लिए ग्लोबल वर्कप्लेस तक पहुँच और ग्लोबल वर्कफोर्स का हिस्सा बनना आसान बनाया। अब तक 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप की जा चुकी हैं। विदेशों में भारतीय व्यवसायों को बाजार तक पहुँचने और निर्यात बढ़ाने में मदद की। डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के जरिए भारतीय उत्पादों और सेवाओं को नए बाजारों तक पहुँचाया। विदेशों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के कल्याण के लिए उपाय किए। भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दिया और दूसरे देशों में हमारी विरासत और परंपराओं के प्रति सम्मान बढ़ाया। विदेश में रहने वाले और वहाँ जाने वाले भारतीयों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 44 दूतावास और वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) खोले। भारतीय कूटनीति देश के लिए 24/7 काम करती है। आज भारतीय ज्यादा आत्मविश्वास और गर्व के साथ विदेश यात्रा करते हैं।"