भारत और नेपाल के रिश्तों को और मजबूत करने के लिए आज दिल्ली में एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री रवि लामिछाने से मुलाकात की। सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा, "नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष श्री रवि लामिछाने से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। एक साझा और समृद्ध भविष्य के लिए मिलकर काम करने की उनकी इच्छा का मैं स्वागत करता हूँ और उससे पूरी तरह सहमत हूँ। हमारी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत नेपाल एक प्राथमिकता वाला साझेदार है और हम नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं, ताकि हमारे दोनों देशों के बीच के विशेष और बहुआयामी संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सके।"
इस दौरान वहां विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी मौजूद थे, जिससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत ने इस मुलाकात को कितना महत्व दिया है। इससे पूर्व रवि लामिछाने, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ भी मुलाकात चुके हैं। अमित शाह ने नेपाल में हाल ही में हुए चुनावों में RSP की जीत पर लामिछाने को बधाई दी और नई सरकार की सफलता के लिए भारत की ओर से शुभकामनाएं व्यक्त कीं। दोनों पक्षों ने भारत और नेपाल के बीच विशेष संबंधों को और सुदृढ़ बनाने के लिए मिलकर काम करने का अपना दृढ़ संकल्प भी व्यक्त किया।
वहीं डॉ. जयशंकर से मुलाकात में दोनों लीडर्स के बीच चर्चा भारत-नेपाल विकास साझेदारी और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर केंद्रित रही। विदेश मंत्री के अनुसार, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने में इनकी अहम भूमिका है। "Know BJP" पहल के अंतर्गत, रवि लामिछाने भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भेंट भी कर चुके हैं, जहां BJP और RSP के बीच आपसी संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के विषय पर चर्चा हुई।
उन्हें BJP की संगठनात्मक संरचना के बारे में, शीर्ष स्तर से लेकर बूथ स्तर तक विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त सदस्यता विस्तार, उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया और BJP का अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ गहरे जुड़ाव से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए। ताजा घटनाक्रम में रवि लामिछाने 4 जून, गुरूवार को अयोध्या के श्रीराम मंदिर भी जाने वाले हैं। इसके अलावा नेपाल लौटने से पहले, वो भारत में नेपाली समुदाय से बातचीत भी करेंगे।