मध्य प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज होने जा रही है। राज्य सरकार में जल्द ही फेरबदल हो सकता है। साथ ही नए चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है। संभावना है कि मानसून सत्र के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है। इस समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत प्रदेश सरकार में कुल 32 सदस्य है और 4 पद अब भी खाली है। रिपोर्ट्स की मानें तो, कुछ पुराने नामों को हटाकर, नए नेताओं को मंत्रीपद दिया जा सकता है। जिन मंत्रियों का काम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, उनका पत्ता कट सकता है। साथ ही इस फेरबदलों में सभी तरह के समीकरणों को साधने की कोशिश भी की जा सकती है।
जिन दिग्गजों को कैबिनेट से बाहर अथवा उनके विभागों में फेरबदल किया जा सकता है, उनमें कुंवर विजय शाह और कैलाश विजयवर्गीय जैसे नाम हो सकते हैं। 1990 से हरसूद से विधायक, कुंवर विजय शाह, शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट में स्कूल शिक्षा मंत्री एवं वन मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। डॉ. मोहन यादव की सरकार में भी उन्हें जनजातीय कार्य और भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास जैसे विभाग दिए गए थे। उन्होंने भारतीय सेना के 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान, मीडिया ब्रीफिंग में शामिल कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिए थे। इसके बाद आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा था। बाद में शाह ने अपने बचाव में कहा था कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया।
अब बात करते हैं एक और दिग्गज कैलाश विजयवर्गीय की। इंदौर-1 से विधायक ये रसूखदार नेता, इससे पहले महू, इंदौर-2 और इंदौर-4 जैसी सीटों से भी विधायक रह चुका है। शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट में मंत्री विजयवर्गीय को इस बार भी शहरी विकास और आवास एवं संसदीय कार्य जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई थी। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई त्रासदी के बाद राष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि, सांवेर से विधायक तुलसीराम सिलावट और नरसिंहपुर से विधायक प्रहलाद सिंह पटेल के विभागों में भी परिवर्तन हो सकता है।
इस लिस्ट में प्रतिमा बागरी, दिलीप अहिरवार और ऐदल सिंह कंसाना जैसे नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। जिन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में मौका मिल सकता है, उनमें इंदौर-4 से 2008 से विधायक और इंदौर की पूर्व मेयर मालिनी गौड़, सीधी से विधायक रीति पाठक, बुरहानपुर से विधायक और पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस, साँची/सांची विधायक और पूर्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी जैसे नाम प्रमुख है। इसके अलावा कुछ बड़े मंत्रियों के डिपार्टमेंट में बदलाव होने की भी संभावना है।