21 जून को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट (NEET-UG) की री-एग्जाम होने जा रही है। परीक्षा का समय दोपहर 2 से शाम 5.15 तक रहेगा। इस बार कोई गड़बड़ न हो, इसके लिए काफी तैयारियां की गई हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की प्रेस रिलीज के अनुसार, ये परीक्षा देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में होगी। इसमें 22.79 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। परीक्षा पेन एंड पेपर मोड में ही आयोजित होने जा रही है और इसकी स्वतंत्र निगरानी के लिए 6 हजार से अधिक ऑब्जर्वर्स की नियुक्ति की गई है। 674 सिटी को-ऑर्डिनेटर्स द्वारा शहरी स्तर पर देखरेख भी की जाएगी। प्रत्येक एग्जाम सेंटर पर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर भी मौजूद रहेंगे। भारी संख्या में पुलिसबल भी तैनात किए गए हैं।
कुल मिलाकर, 2 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को तैनात किया गया है। खबरों के अनुसार, सभी छात्रों के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है। NTA ने CCTV निगरानी, परीक्षा सामग्री के GPS-ट्रैक्ड ट्रांसपोर्टेशन और सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग जैसे कड़े सुरक्षा उपाय भी लागू किए हैं। सभी अभ्यर्थियों को ये सलाह दी गई है कि वो अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचे, गाइडलाइन्स का पालन करें और गलत जानकारी से बचे। परीक्षा की प्रक्रिया को सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए देश भर में आज एक मॉक ड्रिल भी की गई है।
एक अन्य घटनाक्रम में, इस एग्जाम से पूर्व एक बड़ी ही विचित्र घटना भी सामने आई। महाराष्ट्र के नागपुर में NEET की तैयारी कर रहे अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब को इस री-एग्जाम के लिए अबू धाबी का स्कूल एग्जाम सेंटर के तौर पर मिला। उनके पिता मोहम्मद तालिब ने मीडिया को बताया कि, "कल शाम 4 बजे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने पर हमें पता चला कि परीक्षा केंद्र अबू धाबी का एक स्कूल है। हम शॉक में आ गए क्योंकि हमने ऐसा कोई ऑप्शन नहीं चुना था। हमने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया। उन्होंने हमें ईमेल भेजने के लिए कहा। ईमेल भेजने के बाद हमें कॉल आया कि शनिवार शाम 4 बजे तक नया एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया, "हमने 3 जिलों का विकल्प दिया था, लेकिन अब हमारी मांग है कि नागपुर को ही केंद्र बनाया जाए क्योंकि वह सदमे में है। किसी दूसरे जिले में जाने का समय नहीं है। कल वह बहुत रोया और परीक्षा भी नहीं देना चाहता था। लेकिन उसकी मां ने उसे समझाने की कोशिश की। अगर वह मान जाता है, तो परीक्षा देगा। उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है।" हालांकि इस पूरे मामले पर NTA ने तुरंत एक्शन लिया। NTA के DG अभिषेक सिंह ने बताया कि यह मामला सुलझा लिया गया है और अब कैंडिडेट को नागपुर में ही सेंटर अलॉट कर दिया गया है।