मध्य प्रदेश के देवास जिले में TI दिलीप पुरी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी ट्रक ड्राइवर गजेंद्र रावत और उसके साथी धीरज को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, दोनों ही आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी है। इस समय यह पूरा मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए कन्नौद के SDOP आदित्य तिवारी ने बताया, "हम आरोपी गजेंद्र रावत को अलीराजपुर से खातेगांव पुलिस स्टेशन ले जा रहे थे। रास्ते में, जिस सरकारी गाड़ी में उसे ले जाया जा रहा था, उसका टायर पंचर हो गया। टायर ठीक किए जाने के दौरान, उसने हमारे एक कर्मी से उसकी सरकारी बंदूक छीन ली और पुलिस टीम पर गोली चला दी। हमने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें उसे एक गोली लग गई। आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है। उसके दाहिने पैर के निचले हिस्से में गोली लगी है।"
दूसरी ओर, देवास के CSP सुमित अग्रवाल ने बताया कि इस हत्याकांड के समय ट्रक में मौजूद ड्राइवर का साथी धीरज भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। उन्होंने बताया, "जैसा कि सभी जानते हैं, 1 और 2 तारीख की दरमियानी रात को देवास के खातेगांव में एक घटना हुई थी। इस घटना के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए एक SIT का गठन किया गया और अलग-अलग जगहों पर टीमें भेजी गईं।
CSP अग्रवाल ने आगे कहा, "आज, मुख्य ड्राइवर के एक साथी आरोपी को अलीराजपुर इलाके से हिरासत में लिया गया और उसे देवास लाया जा रहा था। रास्ते में, BNP थाना क्षेत्र के पास उसने भागने की कोशिश की और फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। इसके बाद पुलिस उसे अस्पताल ले गई, जहां उसका इलाज चल रहा है।" मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि उन्होंने दिलीप पुरी की पत्नी को SI के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने, और उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।