उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज पीलीभीत जिले के दौरे पर रहे, जहाँ उन्होंने ब्रह्मलीन महंत शांतिनाथ की स्मृति में आयोजित भव्य 'श्रीराम कथा महोत्सव' में भाग लिया और एक जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, संजय सिंह गंगवार, विवेक कुमार वर्मा, बाबू राम पासवान और स्वामी प्रवक्तानंद समेत कई वरिष्ठ नेता एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक भारत की अनूठी एकता पर प्रकाश डाला और कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी साझा आस्था एवं आध्यात्मिक विरासत में निहित है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चले 500 वर्षों के लंबे संघर्ष को याद किया तथा 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में हुई गोलीबारी में जान गंवाने वाले राम भक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि किस तरह अटूट आस्था ने इस आंदोलन को जीवित रखा। उस दौर में ‘जय श्री राम’ बोलने और राम भक्तों के अयोध्या आने पर प्रतिबंध था। तब वहां बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव था, संकरी गलियां, गंदगी और अराजकता का माहौल था। भगवान राम सैकड़ों वर्ष पहले पुष्पक विमान से लंका से अयोध्या आए थे, लेकिन आधुनिक भारत में लंबे समय तक अयोध्या वायु सेवा से नहीं जुड़ सकी थी। वहां रेलवे की सिंगल लाइन थी और सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी थीं।
उन्होंने आगे कहा कि आज अयोध्या का कायाकल्प हो चुका है। वहां प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालु श्रीराम के दर्शन के लिए आते हैं और त्योहारों के दौरान यह आंकड़ा 5 से 50 लाख तक पहुंच जाता है। आज अयोध्या में चारों ओर चार लेन की सड़कें, बेहतर रेल सुविधा और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने केवल समस्याएं दीं, जबकि राम भक्तों की सरकार ने लोगों को सुविधाएं और सम्मान दिया है।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 1.89 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 1,500 करोड़ रुपये की LPG रिफिल सब्सिडी बांटने के कार्यक्रम में भी शामिल हुए।