आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से तोड़ा नाता, सांसद पद से भी दिया इस्तीफा

आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी वर्ष 2002 से 2018 तक बडगाम विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे हैं। इसके अलावा, वह मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार में वर्ष 2009 से 2014 तक कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं।

आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से तोड़ा नाता, सांसद पद से भी दिया इस्तीफा

आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे को नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

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Highlights

  • रूहुल्लाह ने अनुच्छेद 370 की बहाली और संवैधानिक अधिकारों को लेकर NC नेतृत्व से मतभेद जताए।
  • 2024 के चुनाव में रूहुल्लाह ने वहीद-उर-रहमान पारा को 1,88,416 वोटों से हराया था।
  • भाजपा नेता रविंद्र रैना ने रूहुल्लाह के इस्तीफे को NC का अंदरूनी मामला बताया।

जम्मू-कश्मीर की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेता और श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने पार्टी और अपनी संसदीय सीट से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह घोषणा अपने पिता, आगा सैयद मेहदी की 26वीं पुण्यतिथि पर की। आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी वर्ष 2002 से 2018 तक बडगाम विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे हैं। इसके अलावा, वह मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार में वर्ष 2009 से 2014 तक कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं।

2024 के लोकसभा चुनाव में, उन्होंने श्रीनगर सीट से चुनाव लड़ा और जम्मू-कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (JKPDP) के वहीद-उर-रहमान पारा को 1,88,416 वोटों के भारी अंतर से हराया। एक सभा को को संबोधित करते हुए, रूहुल्लाह ने NC नेतृत्व के साथ अपने मतभेदों को दोहराया। उन्होंने पार्टी पर जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात करने और अपने चुनावी वादों को पूरा न कर पाने का आरोप लगाया। रूहुल्लाह ने कहा कि पार्टी के साथ उनके मतभेद सिद्धांतों और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से जुड़े हैं। इनमें मुख्य रूप से अनुच्छेद 370 की बहाली, संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, आरक्षण और कैदियों की रिहाई जैसे मुद्दे शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि उनका यह फैसला किसी निजी नाराजगी या पार्टी में कोई पद न मिलने की निराशा के कारण नहीं था, बल्कि इसलिए था क्योंकि वे उन मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करना चाहते थे, जिन पर NC ने जनता से समर्थन मांगा था। उनके इस्तीफे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रविंद्र रैना ने कहा कि ये NC का अंदरूनी मामला है और इसका BJP से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, आगा रूहुल्लाह एक प्रमुख और बेबाक राजनीतिक नेता हैं। वे तीन बार विधायक रहे हैं, मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं और अब सांसद हैं।

एक राजनीतिक नेता के तौर पर, मैं कहूंगा कि NC गंभीर मुश्किलों का सामना कर रही है। यह डॉ. फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है। एक समय ऐसा आया जब 25 विधायक अलग-अलग बैठकें कर रहे थे और उनके खेमे से कुछ मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए। ये घटनाक्रम सत्ताधारी पार्टी के लिए गंभीर चुनौतियां बनते जा रहे हैं। 

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