आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर होगा एक्शन, 40 में से 38 भवनों पर चलेगा बुलडोजर

इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि हमारी सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी कहीं भी कोई अवैध गतिविधि न करे। प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी बताया कि यूनिवर्सिटी बनाने का मकसद गरीब मुसलमानों को अच्छी शिक्षा देना नहीं, बल्कि अपने निजी स्वार्थ पूरे करना था।

आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर होगा एक्शन, 40 में से 38 भवनों पर चलेगा बुलडोजर

इस यूनिवर्सिटी की स्थापना 2006 में की गई थी।

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Highlights

  • यूनिवर्सिटी कैंपस से गुजरने वाली मुख्य सड़क को PWD द्वारा सार्वजनिक घोषित कर दिया गया है।
  • केवल 2 ही भवनों का नक्शा पास हुआ था, बाकी 38 भवन बिना नक्शा पास किए बनाए गए थे।
  • यूनिवर्सिटी को 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के रामपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को बुलडोजर से गिराया जाएगा। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी कैंपस से गुजरने वाली मुख्य सड़क को लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा सार्वजनिक सड़क घोषित कर दिया गया है और यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर साइनबोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर लिखा है कि यह आम रास्ता है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित कर दिया है और उन्हें गिराने का आदेश दिया है। यूनिवर्सिटी को 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर प्रशासन कार्रवाई करेगा।

जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी भवन का निर्माण ग्राम सिंघान खेड़ा में हुआ था, जो RDA के अधिकार क्षेत्र में आता है। एक सर्वे के दौरान पता चला कि ये भवन बिना अनुमति के बनाए गए थे। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए थे। उन्होंने अपना लिखित जवाब दिया और 15 जुलाई को व्यक्तिगत सुनवाई भी हुई। सभी कार्यवाही पूरी होने के बाद पता चला कि जौहर यूनिवर्सिटी में कुल 40 भवन बनाई गए थे, जिसमें से केवल 2 ही भवन ऐसे हैं जिनका नक्शा पास हुआ था, बचे हुए 38 भवन बिना नक्शा पास किए बनाए गए थे।

बता दें कि इस यूनिवर्सिटी के संस्थापक आजम खान हैं, जो समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख नेताओं में से एक रहे हैं और फिलहाल जेल की सजा काट रहे हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने संसदीय कार्य और शहरी विकास जैसे विभागों को संभाला है। आजम खान रामपुर से सांसद और विधायक, दोनों रह चुके हैं।

इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि हमारी सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी कहीं भी कोई अवैध गतिविधि न करे। प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी बताया कि यूनिवर्सिटी बनाने का मकसद गरीब मुसलमानों को अच्छी शिक्षा देना नहीं, बल्कि अपने निजी स्वार्थ पूरे करना था। यूनिवर्सिटी बनाने के दौरान कई नियमों की अनदेखी करने का आरोप है। ऐसी कई अनियमितताएं थीं, जिनकी शिकायत रामपुर के निवासियों ने की थी। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच की। जांच के आधार पर जिम्मेदार पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

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