मानसून सत्र की रणनीति के लिए कांग्रेस संसदीय दल की बैठक, संसद में नए मुद्दे उठाने की तैयारी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इसमें उन्होंने बताया कि, इस सत्र में पेश किए जाने वाले बिलों के बारे में, हालांकि हमें अभी तक कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है। 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें हमें औपचारिक जानकारी मिलेगी। हमने सुना है कि गृह मंत्री परिसीमन बिल को फिर से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, एक ऐसा बिल जिस पर सरकार को अप्रैल में भारी हार का सामना करना पड़ा था और वह दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रही थी।

मानसून सत्र की रणनीति के लिए कांग्रेस संसदीय दल की बैठक, संसद में नए मुद्दे उठाने की तैयारी

इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत कई अन्य नेता भी उपस्थित थे।

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Highlights

  • कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा की वे श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा जरूर उठाएंगे।
  • वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बताया की हम परिसीमन बिल का पुरजोर विरोध करते रहेंगे।
  • कांग्रेस की इस बैठक में NEET और इथेनॉल जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई है।

भारतीय संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इसी सत्र को लेकर CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आज कांग्रेस संसदीय दल की रणनीतिक बैठक हुई। इस बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, डॉ. शशि थरूर, मनीष तिवारी, कुमारी शैलजा, गौरव गोगोई, प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, के.सी. वेणुगोपाल और पी. चिदंबरम समेत कई अन्य नेता भी शामिल थे।

बैठक के बाद पार्टी के एजेंडे के बारे में मीडिया से बात करते हुए, राज्यसभा में विपक्ष के उप-नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि वे निश्चित रूप से श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने इसे एक बड़ा मुद्दा और लोगों के भरोसे और आस्था के साथ धोखा बताया। राज्यसभा सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने भी बताया कि NEET, चढ़ावे की चोरी, इथेनॉल, महंगाई और आने वाले बिलों जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने संविधान संशोधन बिल पर भी विचार-विमर्श किया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इसमें उन्होंने बताया कि, इस सत्र में पेश किए जाने वाले बिलों के बारे में, हालांकि हमें अभी तक कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है। 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें हमें औपचारिक जानकारी मिलेगी। हमने सुना है कि गृह मंत्री परिसीमन बिल को फिर से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, एक ऐसा बिल जिस पर सरकार को अप्रैल में भारी हार का सामना करना पड़ा था और वह दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रही थी। 

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी का रूख हमेशा से साफ रहा है। हम परिसीमन बिल का पुरजोर विरोध करते रहेंगे और सभी विपक्षी दलों की एकता और एकजुटता बनाए रखने की पूरी कोशिश करेंगे। इसके अलावा, एक देश, एक चुनाव के लिए एक JPC का गठन किया गया है। उस JPC की रिपोर्ट पर कुछ चर्चा हुई थी, जिसके लिए 10 अगस्त की समय सीमा तय की गई है। हम विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल का भी विरोध करेंगे। हो सकता है कि यह बिल इसी सत्र में पेश किया जाए। FCRA बिल के भी लाए जाने की संभावना है। हम इसका विरोध करेंगे, जैसा कि हमने पहले किया था।

जयराम रमेश ने ये भी बताया कि हमने पहले, 16 और 17 अप्रैल को, मौजूदा लोकसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने के बारे में अपना रूख साफ किया था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में महिलाओं के लिए इस एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान शामिल है। यदि आप 543 सदस्यों वाली लोकसभा का एक-तिहाई हिस्सा निकालें, तो यह 181 होता है। इसलिए, महिलाओं के आरक्षण का प्रावधान लाएं और हम अपना पूरा समर्थन देंगे। हालांकि, महिला आरक्षण अधिनियम के नाम से जो परिसीमन बिल पेश किया गया था, वह असल में महिला आरक्षण की आड़ में लाया गया एक खतरनाक परिसीमन बिल था।

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