भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किर्गिज गणराज्य (किर्गिस्तान) की राजधानी बिश्केक पहुँच गए हैं। वे यहाँ शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा लेंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। कल सोशल मीडिया पर इस मौके की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "शानदार स्वागत के लिए किर्गिज गणराज्य के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन मिस्टर आदिलबेक कासिमालियेव (Adylbek Kasymaliev) का धन्यवाद। मैं SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लूँगा और अगले दो दिनों में द्विपक्षीय बैठकें भी करूँगा।"
बिश्केक पहुँचने पर भारतीय समुदाय ने उनका बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में महात्मा गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। किर्गिस्तान से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान का भी दौरा किया। वहाँ भी भारतीय समुदाय ने उनका बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने उज्बेकिस्तान के योग फेडरेशन द्वारा आयोजित एक विशेष योग सत्र में भी भाग लिया। इस सत्र में अहमदाबाद की वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप के पदक विजेता भी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें साझा करते हुए उज्बेकिस्तान योग फेडरेशन के कार्यों की सराहना की।
बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव (Shavkat Mirziyoyev) के साथ एक बैठक भी की। दोनों देशों के बीच मैत्री को सुदृढ़ करने में उनके योगदान के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को ओली दराजली दोस्तलिक (Oliy Darajali Do’stlik) ऑर्डर से सम्मानित किया गया। यह विदेशी नेताओं के लिए उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान है। ताशकंद में राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ हुई बैठक में भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक ले जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
दोनों पक्षों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर से ज्यादा तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही बेहतर मार्केट एक्सेस, कनेक्टिविटी और बैंकिंग सुविधाओं को सुगम बनाने के कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, पारंपरिक चिकित्सा, शिक्षा, संस्कृति और युवा आदान-प्रदान के दायरे को बढ़ाने के साथ-साथ उज्बेकिस्तान में बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए मिलकर काम करने पर भी जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने राष्ट्रपति भवन में वृक्षारोपण समारोह में भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज (TSUOS) में महात्मा गांधी सेंटर का भी दौरा किया।
इसका एक वीडियो X पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "कल ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी सेंटर का दौरा कई वजहों से दिलचस्प रहा। वहाँ इंडोलॉजी (भारतीय अध्ययन) का एक जीवंत माहौल देखने को मिला। भारत के बारे में पढ़ने और जानने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा। गांधी जी के जीवन पर बहुत काम हुआ है। तमिल संस्कृति में भी दिलचस्पी बढ़ रही है। छात्रों ने मेरी लिखी कविताओं की कुछ पंक्तियाँ भी सुनाईं।"