लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने हमेशा की तरह भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तरह-तरह के आरोप लगाए। उनके अनुसार, देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है। एक तरफ भारत का संविधान है। डॉ. अंबेडकर, गांधीजी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल का संविधान। दूसरी तरफ BJP और RSS की विचारधारा है। भारत में अभी जो पॉलिटिक्स हो रही है, वह इन्हीं दो विचारधाराओं के बीच है।
राहुल के मुताबिक, हजारों सालों से इस देश में दलितों पर जुल्म और हिंसा होती रही है। हालाँकि संविधान ने इसे गैर-कानूनी बना दिया है, फिर भी आज भी स्कूलों में दलित बच्चों से शौचालय साफ करवाए जाते हैं और उनसे फर्श पर झाड़ू-पोछा लगवाया जाता है। जरा सोचिए कि आने वाली पीढ़ी के दिमाग पर इसका क्या असर पड़ता है। बच्चे अपने कुछ साथियों को झाड़ू लगाते हुए देखते हैं, जबकि झाड़ू लगाने वाले उन साथियों को देखते हैं जिन्हें ऐसा नहीं करना पड़ता। यही भारत की सच्चाई है। दलितों को गाँव के कुएँ से पानी पीने की इजाजत नहीं है।
उन्होंने कहा कि दलितों को अपने निजी कुएँ खोदने पड़े क्योंकि उन्हें गाँव के साझा कुएँ का इस्तेमाल करने से रोका गया था। चाय की दुकानों पर आप दो तरह के कप इस्तेमाल होते देखते हैं। एक दोबारा इस्तेमाल होने वाला काँच का कप जिसे धोया जा सकता है और दूसरा कागज या प्लास्टिक का कप जिसे इस्तेमाल के बाद फेंक दिया जाता है। प्लास्टिक या पेपर के कप दलितों के लिए होते हैं, जबकि काँच के कप दूसरों के लिए। राहुल का कहना है कि हिंदुस्तान में हजारों दलित जब घोड़े पर चढ़ते हैं, बारात में जाते हैं तो हेलमेट पहनकर जाते हैं। पत्थर फेंके जाते हैं, मारा जाता है, धमकाया जाता है। यही उत्तर प्रदेश की सच्चाई है, यही उत्तर भारत की सच्चाई है और आप इसे शहरों और गाँवों में देख सकते हैं।
राहुल ने आगे बताया कि राजस्थान में हमारे CLP नेता एक मंदिर जाते हैं और BJP नेता 'शुद्धिकरण' करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे जी, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश और संविधान को समर्पित कर दिया है, वे हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाषण देने जाते हैं और वहाँ भी शुद्धिकरण होता है। ये कौन करता है? ये BJP और RSS के लोग हैं। सिर्फ BJP और RSS के सदस्य ही ऐसा करते हैं, और यह एक अपराध है।
भारत के संविधान के तहत यह एक अपराध है, एक आपराधिक गतिविधि है। 'शुद्धिकरण' असल में छुआछूत का ही दूसरा नाम है। छुआछूत को गैर-कानूनी घोषित किया गया था, फिर भी BJP के सदस्य खुलेआम इसे मानते हैं। राहुल के अनुसार, जब वे यह शुद्धिकरण करते हैं, तो वे असल में यह कह रहे होते हैं कि दलितों को छूना नहीं चाहिए, दलित गंदे हैं और भारतीय संविधान के तहत यह एक अपराध है। उन्होंने मांग की है कि उत्तराखंड में जिन्होंने यह शुद्धिकरण किया, उनके खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज की जाए।