26वें SCO शिखर सम्मेलन के लिए बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, कई वैश्विक नेताओं के साथ की द्विपक्षीय वार्ता

राष्ट्रपति जापारोव से मुलाकात के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान की अध्यक्षता में आयोजित SCO बैठकों में भारत की मजबूत भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि यह आपसी सम्मान, विश्वास और समर्थन को दर्शाता है जो दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की विशेषता है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति जापारोव को उनके स्नेह और आतिथ्य तथा SCO शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

26वें SCO शिखर सम्मेलन के लिए बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, कई वैश्विक नेताओं के साथ की द्विपक्षीय वार्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कई देशों के प्रमुख नेताओं के साथ की मुलाकात।

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Highlights

  • प्रधानमंत्री मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री पशिन्यान के साथ रक्षा, अर्थव्यवस्था और फार्मा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर की चर्चा।
  • ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान के साथ मुलाकात में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संघर्ष में हाल की घटनाओं पर की बात।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति जापारोव से मुलाकात की और उन्हें उनके देश के स्वतंत्रता दिवस की दी बधाई।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा लेने के लिए किर्गिज गणराज्य (किर्गिस्तान) की राजधानी बिश्केक पहुंच चुके हैं। आज उन्होंने कई देशों के प्रमुख नेताओं के साथ मुलाकात की। इनमें आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान, ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियान और किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव जैसे बड़े नाम शामिल हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) की प्रेस रिलीज के अनुसार, इस साल जून में आर्मेनिया के आम चुनाव में प्रधानमंत्री पशिन्यान दोबारा चुने गए थे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री पशिन्यान की यह पहली मुलाकात थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री पशिन्यान को उनकी चुनावी जीत और पद संभालने पर बधाई दी। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, खनन, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने हाल के समय में कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग के विस्तार पर संतोष व्यक्त किया और दोनों देशों के बीच विशेष आत्मीयता और मित्रता पर आधारित इन संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बातचीत और कूटनीति के माध्यम से निरंतर प्रयासों की आवश्यकता को दोहराया। प्रधानमंत्री पशिन्यान ने प्रधानमंत्री मोदी को आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते के कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी। दोनों नेता आपसी संबंधों को और मजबूत करने और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए।

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान के साथ मुलाकात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष में हाल की घटनाओं पर भी बात की और बदलती स्थिति पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और भारत के इस रूख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कोशिशों की जरूरत पर भी जोर दिया।

नेविगेशन और व्यापार की आजादी की सुरक्षा का आह्वान करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी स्थिति में नागरिकों और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें कमर्शियल शिपिंग और नाविक शामिल हैं, को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। BRICS और SCO जैसे बहुपक्षीय संगठनों में ईरान के साथ मिलकर काम करने की भारत की तत्परता को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि वह BRICS समिट के लिए राष्ट्रपति पेजेश्कियान का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव से मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रपति को उनके देश के स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। साथ ही कहा कि इससे उसी दिन शुरू हो रहे SCO शिखर सम्मेलन का महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने राष्ट्रपति जापारोव को 26वें SCO शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए भी बधाई दी। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और भारत तथा किर्गिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

वे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच पूरकताओं को ध्यान में रखते हुए आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को और बढ़ाने पर सहमत हुए। उन्होंने लोगों के बीच बढ़ते संपर्कों पर भी चर्चा की, जिसमें छात्रों का आदान-प्रदान और सांस्कृतिक सहयोग शामिल है। प्रधानमंत्री ने किर्गिस्तान की अध्यक्षता में आयोजित SCO बैठकों में भारत की मजबूत भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि यह आपसी सम्मान, विश्वास और समर्थन को दर्शाता है जो दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की विशेषता है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति जापारोव को उनके स्नेह और आतिथ्य तथा SCO शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

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