नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, देश में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की तादाद 903 तक पहुंच गई है। अथॉरिटी ने बताया कि 267 लोग घायल हुए हैं, जबकि 4,247 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में नेपाल प्रहरी (पुलिस) के 25, नेपाल सेना के 45, नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल के 13, 592 विदेशी नागरिक और विदेशियों के साथ यात्रा कर रहे 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा 156 लोगों को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है है। चितवन में सबसे अधिक 272 शव बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त नवलपरासी पूर्व में 207, नवलपरासी पश्चिम में 151, नुवाकोट में 95, गोरखा में 62, धादिङ में 55, तनहुँ में 37 और रसुवा में भी 24 शव बरामद हुए हैं।
NDRRMA के अनुसार, राहत एवं बचाव अभियान के लिए 20,819 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें नेपाल प्रहरी के 7,894, नेपाल सेना के 8,722 और सशस्त्र प्रहरी बल के 4,203 जवान शामिल हैं। अब तक 10,451 लोगों को रेस्क्यू भी कर लिया गया है। इनमें नेपाल सेना द्वारा हवाई अभियानों के जरिए बचाए गए 3,344 नेपाली और 252 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। 30 अगस्त को हाइड्रो प्रोजेक्ट से 15 चीनी और 7 भारतीय नागरिकों को भी बचाया गया है। नेपाल सरकार द्वारा प्रभावित जिलों को नकद सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। इसमें रसुवा और नुवाकोट के लिए 1-1 करोड़, धादिङ के लिए 50 लाख और 15 स्थानीय सरकारों के लिए कुल 6.75 करोड़ रूपए की राशि शामिल है।
अब तक, प्रभावित इलाके में खाने-पीने का सामान और राहत सामग्री से भरे 37 ट्रक और 35 बोलेरो गाड़ियां भेजी जा चुकी हैं। खाने-पीने का सामान और राहत सामग्री आठ हेलीकॉप्टर उड़ानों के जरिए पहुंचाई गई। 29 अगस्त, 2026 को उत्तरगया और धुंचे में दो टन खाने-पीने का सामान भेजा गया। इसके अलावा, हेलीकॉप्टर से खाने-पीने का सामान और बचाव का सामान भी पहुंचाया गया। 30 अगस्त को सड़क और हवाई मार्ग से रसुवा जिले में खाने-पीने का सामान, खाने-पीने के अलावा अन्य सामान (जैसे दवाइयां और स्वास्थ्य से जुड़ी चीजें) और पांच पोर्टेबल जनरेटर भेजे गए। साथ ही, 16 गाड़ियों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल करके नुवाकोट जिले में राहत सामग्री पहुंचाई गई।