तीसरे भारत-नॉर्डिक समिट से पूर्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे के ओस्लो में, आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडॉटिर (Kristrún Frostadóttir), फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो (Petteri Orpo) और डेनमार्क की कार्यवाहक प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन (Mette Frederiksen) से अलग-अलग मीटिंग्स की। प्रधानमंत्री मोदी ने इनसे जुडी कुछ तस्वीरें भी X पर शेयर की।
आइसलैंड की प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान, दोनों ने क्लीन एनर्जी, मत्स्य पालन, सस्टेनेबिलिटी, जियोथर्मल एनर्जी, कार्बन कैप्चर और स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में संबंधों को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने ब्लू इकोनॉमी से जुड़े क्षेत्रों में आइसलैंड की विशेषज्ञता की सराहना भी की। दोनों ने उम्मीद जताई कि ऐतिहासिक भारत-यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) व्यापार और निवेश संबंधों को भी गति प्रदान करेगा।
डेनमार्क की कार्यवाहक प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ हुई मीटिंग के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने X पर लिखा, "हाल के वर्षों में भारत-डेनमार्क की दोस्ती ने जबरदस्त प्रगति की है। जल संसाधन, क्लीन एनर्जी, शिपिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार हुआ है। आने वाले वर्षों में फिनटेक, उद्योग, डिफेंस, इनोवेशन और अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह का तालमेल देखने को मिल सकता है। डेनमार्क के पेंशन फंड्स को भारत में अपना निवेश बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया। हमें पूरा भरोसा है कि भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं पर बड़ा असर डालेगा।"
वहीं फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो से हुई मुलाकात का उद्देश्य दोनों देशों के आपसी संबंधों में नई ऊर्जा भरना है। दोनों नेताओं ने 6G, AI, शिक्षा, न्युक्लियर एनर्जी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर चर्चा की। दोनों ने जलवायु परिवर्तन, सर्कुलर इकॉनमी, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और अन्य क्षेत्रों में आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर भी बात की। बता दें कि फिनलैंड के प्रधानमंत्री खुद AI इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए भारत आए थे।