भारत-नॉर्वे रिश्तों को नई उड़ान, ग्रीन पार्टनरशिप और 100 बिलियन डॉलर निवेश पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, "भारत और नॉर्वे, दोनों ही रूल्स बेस्ड आर्डर, डायलॉग और डिप्लोमेसी में विश्वास रखते हैं। हम एकमत हैं कि मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं निकल सकता है। यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया हम संघर्षों की शीघ्र समाप्ति और शांति स्थापित करने के सभी प्रयासों का समर्थन करते हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे।"

भारत-नॉर्वे रिश्तों को नई उड़ान, ग्रीन पार्टनरशिप और 100 बिलियन डॉलर निवेश पर जोर

पहलगाम हमले के दौरान नॉर्वे, आतंकवाद के विरुद्ध भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहा।

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Highlights

  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की ग्लोबल चैलेंजेज़ का समाधान करने के लिए ग्लोबल इंस्टीट्यूशंस का रिफॉर्म अनिवार्य है।
  • उनके मुताबिक डिजिटल हेल्थ और ब्लू इकॉनमी जैसे क्षेत्रों में भारत-नॉर्वे सहयोग और मजबूत होगा।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा टेररिज्म के हर रूप को जड़ से समाप्त करना हमारी साझी प्रतिबद्धता है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे पहुंचकर प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर (Jonas Gahr Støre) के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। इसके बाद दोनों ने एक जॉइंट प्रेस मीट को भी संबोधित किया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोर ने कहा, "दुनिया में अनिश्चितता और तेजी से हो रहे बदलावों, ध्रुवीकरण और संघर्षों के इस दौर में, उन देशों के साथ संपर्क मजबूत करना और बनाना जरूरी है जिनके साथ हम बुनियादी मूल्य साझा करते हैं साझेदारी मायने रखती है, खासकर उन लोकतंत्रों के बीच जो साझा हित रखते हैं और वैश्विक समुदाय में साझा नियमों का पालन करते हैं। इसी भावना के साथ, आपकी ओस्लो यात्रा महत्वपूर्ण है।

उन्होंने आगे कहा, "यह भारत और नॉर्वे के बीच बढ़ती साझेदारी और कई क्षेत्रों में हमारे सहयोग को वास्तव में मजबूत करने की साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। आज हम कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे और उन्हें रेखांकित करेंगे जो इस साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे। अब हमारे पास यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों और भारत के बीच एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है, जिसके साथ बड़ी उम्मीदें और महत्वाकांक्षाएं जुड़ी हैं।"

प्रधानमंत्री स्टोर ने कहा, "ग्रीन टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, समुद्री सेवाओं और सीफूड जैसे क्षेत्रों में निवेश, इनोवेशन और रोजगार पैदा करने के बड़े अवसर हैं। मेरा मानना ​​है कि भारत के लिए, यूरोपीय साझेदारों के साथ यह अपनी तरह का पहला मुक्त व्यापार समझौता है। हम दूसरे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहे हैं। हम अपने संबंधों को एक 'ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के स्तर तक ले जा रहे हैं, जो ग्रीन ट्रांज़िशन के लिए ज्ञान, संसाधनों और लक्ष्यों पर मिलकर काम करने का आधार प्रदान करता है, यह एक ऐसा लक्ष्य है जिसकी सफलता पर हमारे दोनों देश निर्भर करते हैं।

उन्होंने आगे कहा, "हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग को मज़बूत कर रहे हैं और भारत से सीख रहे हैं। हम उच्च-गुणवत्ता वाली, हाई-टेक स्वास्थ्य सेवाओं को विकसित करने के साथ-साथ डिजिटल स्वास्थ्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिसर्च और हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी घनिष्ठ सहयोग के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। हम डिजिटल विकास के क्षेत्र में भी सहयोग को गहरा कर रहे हैं, जिसमें डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और डिजिटल सार्वजनिक वस्तुएं शामिल हैं।"

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "नॉर्वे की यात्रा करके मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह देश नेचर और ह्यूमन प्रोग्रेस के बीच हार्मोनी का एक सुंदर उदाहरण है। सबसे पहले मैं प्रधानमंत्री जी का इस आत्मीयता से भरे स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। कल नॉर्वे के कॉन्स्टिट्यूशन डे के महत्वपूर्ण अवसर पर, मैं विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की ओर से नॉर्वे की जनता को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। पिछले साल मेरा नॉर्वे आने का कार्यक्रम था, लेकिन पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के कारण वो यात्रा को स्थगित करनी पड़ी थी। उस कठिन समय में, नॉर्वे आतंकवाद के विरुद्ध भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहा और सच्ची मित्रता का परिचय दिया। अब जब मैं नॉर्वे आया हूँ, तो मैं इस सॉलिडेरिटी के लिए इस देश का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ।"

उन्होंने आगे कहा, आज विश्व अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। चाहे यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय में, भारत और यूरोप अपने संबंधों में एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहे हैं। पिछले साल, भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन ने एक ऐतिहासिक ट्रेड एन्ड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट को लागू किया। यह एग्रीमेंट भारत और नॉर्वे के बीच शेयर्ड प्रोग्रेस और प्रोस्पेरिटी सुनिश्चित करने का एक ब्लूप्रिंट है। इस एग्रीमेंट में, अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर इन्वेस्टमेंट और 1 मिलियन जॉब्स क्रिएट करने का लक्ष्य है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "भारत और नॉर्वे, दोनों ही रूल्स बेस्ड आर्डर, डायलॉग और डिप्लोमेसी में विश्वास रखते हैं। हम एकमत हैं कि मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं निकल सकता है। यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया हम संघर्षों की शीघ्र समाप्ति और शांति स्थापित करने के सभी प्रयासों का समर्थन करते हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे। हम इस बात पर भी एकमत हैं कि ग्लोबल चैलेंजेज़ का समाधान करने के लिए ग्लोबल इंस्टीट्यूशंस का रिफॉर्म अनिवार्य है।

उन्होंने आगे कहा, "टेररिज्म के हर रूप को जड़ से समाप्त करना हमारी साझी प्रतिबद्धता है। आर्कटिक से लेकर आउटर स्पेस तक, ग्रीन शिपिंग से लेकर ब्लू इकॉनमी तक और एनर्जी सिक्योरिटी से लेकर फूड सिक्योरिटी तक हमारा सहयोग नए फ्रंटियर्स को छू रहा है। आइए, हम अपनी 'ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के माध्यम से, एक ट्रस्टेड, फ्यूचरिस्टिक और लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप का एक नया अध्याय लिखें।"

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