भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय 5 देशों की यात्रा पर हैं, जिनमें UAE, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं। UAE, नीदरलैंड्स, स्वीडन के बाद उनका अगला पड़ाव नॉर्वे है। नीदरलैंड्स की यात्रा के दौरान भारतीय इतिहास और संस्कृति से जुडी एक अच्छी खबर सामने आई। नीदरलैंड्स ने 1,000 वर्ष से भी अधिक पुराने चोल राजवंश के ताम्र-पत्र और कलाकृतियाँ (Artefacts) भारत को लौटा दी हैं। इन्हें औपनिवेशिक काल (Colonial Period) के दौरान ले जाया गया था और 19वीं सदी के मध्य से लीडेन विश्वविद्यालय में संरक्षित रखा गया था।
11वीं सदी के अनाइमंगलम ताम्र-पत्र, जिन्हें पूरे यूरोप में 'लीडेन प्लेट्स' के नाम से भी जाना जाता है, 21 बड़ी और 3 छोटी ताम्र-पत्रों का एक समूह हैं। इन पर लिखे अभिलेख (Inscriptions) मुख्य रूप से तमिल और संस्कृत भाषाओं में हैं। राजा राजराजा चोल प्रथम की मुहर वाली एक कांस्य-मुद्रिका (Bronze ring) द्वारा आपस में जुड़े ये ताम्र-पत्र, चोल काल के अब तक सुरक्षित बचे सबसे महत्त्वपूर्ण रिकॉर्ड्स में से एक हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन और क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी की स्वीडन यात्रा भी भारत के लिए नई सौगातें लेकर आईं।
दोनों देशों के नेता भारत-स्वीडन संबंधों को 'स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के स्तर तक ले जाने पर सहमत हुए। इस स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का मार्गदर्शन चार स्तंभों द्वारा किया जाएगा। इनमें स्टेबिलिटी और सिक्योरिटी के लिए स्ट्रेटेजिक डायलॉग, नेक्स्ट जनरेशन इकोनॉमिक पार्टनरशिप, इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ और ट्रस्टेड कनेक्टिविटी तथा शेपिंग टुमॉरो टुगेदर- पीपल, प्लेनेट, हेल्थ और रेसिलिएंस शामिल हैं। इस स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को प्रभावी बनाने के लिए, दोनों नेताओं ने 'भारत-स्वीडन जॉइंट एक्शन प्लान 2026-2030' को अपनाया, जो राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी, सुरक्षा, जलवायु और people-to-people क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक रोडमेप प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन ने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में संपन्न भारत-EU FTA ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरूआत की है। दोनों नेताओं द्वारा व्यापार व निवेश संबंधों को और गहरा करने के लिए इसको जल्द ही अमल में लाने हेतु कोशिशों को जारी रखने पर सहमति भी व्यक्त की गई। इनके अतिरिक्त इस दौरे पर भारत-स्वीडन जॉइंट इनोवेशन पार्टनरशिप 2.0 का शुभारंभ, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना, भारत-स्वीडन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर के संयुक्त विकास हेतु समर्थन, भारत-स्वीडन SME और स्टार्टअप प्लेटफॉर्म के विकास जैसे मुद्दों पर सकारात्मक चर्चाएं हुईं। स्वीडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस' से भी सम्मानित किया।
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18-19 मई को तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय मुलाकातों के लिए नॉर्वे पहुँच चुके हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा है। वो राजा हेराल्ड V और रानी सोन्या से मुलाकात और प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।