भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का वियतनाम दौरा, दोनों देशों के संबंधों को मिली नई रणनीतिक मजबूती

दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने भारत-वियतनाम डिफेंस पार्टनरशिप की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, डिफेंस इंडस्ट्री, ट्रेनिंग और रीजनल स्टेबिलिटी के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि भारत वियतनाम के साथ अपनी एनहांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का वियतनाम दौरा, दोनों देशों के संबंधों को मिली नई रणनीतिक मजबूती

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लम (Tô Lâm) से की मुलाकात।

Share:

Highlights

  • राजनाथ सिंह ने वियतमान के फाउंडिंग फादर हो ची मिन्ह को उनकी 136वीं जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित।
  • उन्हें वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
  • भारत-वियतनाम के बीच AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक MoU का आदान-प्रदान भी हुआ।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समय वियतनाम के दौरे पर हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा और सैन्य संबंधों को मजबूत करना है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लिखा कि, "मेरा मुख्य जोर स्ट्रेटेजिक मिलिट्री को-ऑपरेशन को गहरा करने, डिफेंस इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप्स को मजबूत करने और समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने पर रहेगा, जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित हो सके।" 

अपनी यात्रा के दूसरे दिन यानी 19 मई को राजनाथ सिंह ने वियतमान के फाउंडिंग फादर माने जाने वाले हो ची मिन्ह (Ho Chi Minh) को उनकी 136वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। राजनाथ सिंह हनोई में बने हो ची मिन्ह के समाधि-स्थल पर गए और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उन्हें वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राजनाथ सिंह ने मंत्रालय के मुख्यालय में आधिकारिक विज़िटर्स बुक पर हस्ताक्षर भी किए।

X पर इसकी तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "उनकी दूरदृष्टि, नेतृत्व और नेशनल लिबरेशन तथा ग्लोबल सॉलिडेरिटी के प्रति उनका अटूट समर्पण पीढ़ियों को प्रेरित करता रहा है। भारत-वियतनाम की मित्रता साझा मूल्यों और आपसी सम्मान में गहरी जड़ें जमाए हुए है।" बाद में उन्होंने वियतनाम के रक्षा मंत्री और उप-प्रधानमंत्री जनरल फान वान जियांग (Phan Văn Giang) के साथ एक द्विपक्षीय बैठक की। 

दोनों ने भारत-वियतनाम डिफेंस पार्टनरशिप की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, डिफेंस इंडस्ट्री, ट्रेनिंग और रीजनल स्टेबिलिटी के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि भारत वियतनाम के साथ अपनी एनहांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

दोनों ने मिलकर वियतनाम के एयर फोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में स्थापित लैंग्वेज लैब का संयुक्त रूप से उद्घाटन भी किया। दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का आदान-प्रदान भी हुआ।

मंत्रिस्तरीय द्विपक्षीय बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "वियतनाम में इतनी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं खुद को विशेष रूप से सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। यह बैठक राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की जयंती के अवसर पर हो रही है। वे एक दूरदर्शी नेता थे, जिनका भारत में भी बहुत सम्मान किया जाता है। वर्ष 1988 में, दोनों देशों के बीच स्थायी संबंधों की नींव रखी गई थी।"

उन्होंने आगे कहा, "यह यात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमारी ' कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के 10 वर्ष पूरे के अवसर पर हो रही है। यह एक ऐसा मील का पत्थर है, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाता है। हमें इस बात की बेहद खुशी है कि भारत की आपकी हालिया यात्रा के दौरान, इस पार्टनरशिप को 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' में उपग्रेड किया गया है। मुझे विश्वास है कि हमारी चर्चाएँ हमारे रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करेंगी, तथा आने वाले वर्षों में सहयोग के नए रास्ते भी खोलेगी।"राजनाथ सिंह ने वियतनाम के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ वियतनाम (CPV) के महासचिव तो लम (Tô Lâm) से भी मुलाकात की।

इसकी एक तस्वीर X पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "वियतनाम यात्रा के दौरान वहां के महासचिव और राष्ट्रपति से मिलकर मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ। मैंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं और रक्षा सहयोग को और अधिक गहरा करने के भारत के संकल्प को दोहराया। यह सहयोग हमारे दोनों देशों के बीच 'एनहांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' का एक प्रमुख स्तंभ है। भारत और वियतनाम के बीच एक मजबूत रिश्ता है, जिसकी नींव आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और रक्षा, सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता के क्षेत्र में घनिष्ठ सहयोग पर टिकी है।"

रिलेटेड टॉपिक्स