प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों के सामने बचत की नई मिसाल पेश की है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले (Convoy) का आकार काफी कम कर दिया है। इसे उनकी हाल की घरेलू यात्रा के दौरान लागू किया गया। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) प्रोटोकॉल के अनुसार जरूरी सुरक्षा इंतजामों को बनाए रखते हुए गाड़ियों की संख्या कम की गई। तेलंगाना के सिकंदराबाद में अपने भाषण के तुरंत बाद, गुजरात और असम में उनके काफिले का आकार कम कर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा है कि जहां तक हो सके, बिना नई गाड़ियां खरीदे, उनके काफिले में EVs शामिल की जाएं। ये फैसला ऐसे समय पर आया है, जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट बना हुआ है।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि, "वैश्विक संकट के इस समय में, हमें कर्तव्य को सबसे ऊपर रखते हुए एक संकल्प लेना होगा और उसे पूरी लगन से पूरा करना होगा। एक बड़ा संकल्प है पेट्रोल और डीजल का कम से कम इस्तेमाल करना। हमें पेट्रोल और डीजल के अपने इस्तेमाल पर रोक लगानी चाहिए। जिन शहरों में मेट्रो लाइनें हैं, वहां हमें सिर्फ मेट्रो से ही सफर करने का फैसला करना चाहिए। अगर हमें कार इस्तेमाल करनी ही पड़े, तो हमें कारपूल करने की कोशिश करनी चाहिए। जिनके पास EVs हैं, उन्हें उनका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की कोशिश करनी चाहिए। कोरोना काल के दौरान, हमने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसे कई सिस्टम बनाए थे और हम उनके आदी भी हो गए थे।"
उन्होंने आगे कहा, "आज, समय की मांग ऐसी है कि अगर हम इन सिस्टम को फिर से शुरू करें, तो यह राष्ट्रहित में होगा। हमें एक बार फिर वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्चुअल मीटिंग को प्राथमिकता देनी चाहिए। हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर भी जोर देना चाहिए, क्योंकि पेट्रोल और डीजल दुनिया भर में बहुत महंगे हो गए हैं। पेट्रोल और डीजल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। विदेशों में शादी करने, विदेशों में घूमने और विदेशों में छुट्टियां मनाने का बढ़ता चलन मध्यम वर्ग के बीच लोकप्रिय हो रहा है। हमें यह फैसला करना चाहिए कि संकट के इस समय में, हम कम से कम एक साल के लिए विदेशों में घूमने का प्लान टाल दें।"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी फ्यूल बचाने के प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के बाद, अपने आधिकारिक काफिले में शामिल वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। मुख्यमंत्री के भ्रमण के समय भी कोई वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी। सभी मंत्रियों से यात्रा के समय, न्यूनतम वाहनों का उपयोग करने की अपील की गई है। नवनियुक्त निगम-मंडल के पदाधिकारियों से भी कहा गया है कि वे बगैर वाहन रैली के सादगी से अपना कार्यभार ग्रहण करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी आह्वान किया है कि राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम से कम करें। सार्वजनिक वाहनों का उपयोग किया जाए और अनावश्यक वाहनों का इस्तेमाल न किया जाए।