NEET के छात्रों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट (NEET-UG) परीक्षा, जो 3 मई को आयोजित की गई थी, पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द कर दी गई है। सरकार द्वारा इन आरोपों की CBI जांच के आदेश दिए गए हैं, वहीं NTA ने कहा है कि दोबारा होने वाली परीक्षा की तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
रिपोर्ट्स की मानें तो, इस साल 22 लाख से अधिक छात्रों ने NEET की परीक्षा दी थी। 3 मई वाली परीक्षा रद्द हो जाने के कारण उन सभी छात्रों के परिश्रम पर पानी फिर चुका है, जिन्होंने इसकी तैयारी के लिए दिन-रात एक कर दिए थे। इस पूरे मामले में राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने, पेपर लीक के 2 मास्टरमाइंड्स मनीष यादव और राकेश मंडावरिया को हिरासत में लिया है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, एक अन्य आरोपी राजेश को भी पकड़ लिया गया है। SOG की जांच में सामने आया कि NEET परीक्षा से 2-3 दिन पहले, राजस्थान में गैस पेपर (Guess Paper) में 720 में से 600 अंकों के सवाल पाए गए थे। इस पूरे घटनाक्रम पर देशभर से छात्रों का रोष सामने आया है।
मध्य प्रदेश के भोपाल से एक छात्रा ने मीडिया से बात करते हुए बताया, "मेरा एग्जाम बहुत अच्छा हुआ था। हमें बहुत बुरा लग रहा है कि पेपर लीक हो गया। हमने 15 घंटे पढ़ाई की थी। सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। NEET डिजिटल तरीके से होना चाहिए। अगर दोबारा NEET होता है, तो पेपर और भी मुश्किल होगा।" जम्मू से भी एक छात्र ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि पेपर लीक होने की खबरें छात्रों मानसिक रूप से छात्रों को बहुत नुकसान पहुंचाती है। इस पूरे मामले पर अब सियासत भी गर्मा चुकी है।
हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "उस कानून का क्या हुआ जिसे आपने पार्लियामेंट में यह वादा करते हुए बनाया था कि कड़ी सजा दी जाएगी और जिसमें कई तरह के आश्वासन दिए गए थे? तो फिर, पेपर लीक कैसे हो गया? उन छात्रों की हालत के बारे में सोचिए जो पिछले एक-दो साल से पूरी लगन से तैयारी कर रहे हैं और जिनके माता-पिता ने कोचिंग सेंटरों पर लाखों रूपए खर्च किए हैं। उन छात्रों के बारे में सोचिए जो NEET परीक्षा पास करने का सपना देखते हैं। BJP को इसका जवाब देना होगा। प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना होगा।"
आज दिल्ली में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा, "देश के हर कोने से छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। NEET की तैयारी करने वाले छात्र सड़कों पर हैं। सरकार कहां है? आज, उन लोगों का भविष्य बेच दिया गया है जिन्होंने पूरी लगन और ईमानदारी से NEET परीक्षा की तैयारी की थी।"
उनकी मांग है कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि इस साजिश में शामिल किसी भी व्यक्ति को कड़ी सजा मिले। उनके मुताबिक, सरकार और प्रशासन के कुछ लोग इस मामले में शामिल हैं और सरकार को, विशेष रूप से धर्मेंद्र प्रधान को, इस विफलता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और उन्हें अपना इस्तीफा दे देना चाहिए।
NTA ने NEET के छात्रों को राहत देने वाली कुछ घोषणाएं भी की हैं। छात्रों को फिर से रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होगी। कोई अतिरिक्त एग्जाम फीस भी नहीं ली जाएगी। इसके अलावा जो फीस पहले ही जमा की जा चुकी है, वह छात्रों को वापस कर दी जाएगी।