पश्चिम बंगाल से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय "नबान्न" (Nabanna) में अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता की। इस बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशित प्रमाणिक, क्षुदिराम टुडू और अशोक कीर्तनिया भी उपस्थित थे। इस मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री अधिकारी द्वारा एक प्रेस वार्ता भी की गई, जिसमें आज लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में अवगत भी कराया गया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया, "हमने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को जमीन ट्रांसफर करने का फैसला लिया है। इस जमीन को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। अगले 45 दिनों के भीतर इसे गृह मंत्रालय को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। एक बार यह काम पूरा हो जाने के बाद, BSF सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर लेगी और अवैध घुसपैठ का जो मौजूदा मसला है, वह बहुत जल्द ही हल हो जाएगा।"
दूसरे निर्णय में पश्चिम बंगाल में एक प्रशासनिक आदेश जारी किया गया, जिसमें कहा गया है कि जनगणना का कार्य आज से शुरू होगा। 11 महीने की देरी के बाद, आखिरकार इस पहल को लागू किया जा रहा है। आज मंत्रिमंडल ने 'आयुष्मान भारत' योजना को भी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं आज से आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि पिछली सरकार ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) को लागू नहीं किया था। इसे आज से लागू किया जा रहा है। सरकार ने BJP के 321 शहीद कार्यकर्ताओं को भी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और राजनीतिक हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आज एक आज उच्च स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा बैठक भी आयोजित की। इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "नबान्न में मुख्य सचिव श्री दुष्यंत नारियाला (IAS), गृह सचिव श्रीमती संघमित्रा घोष (IAS), DGP श्री सिद्ध नाथ गुप्ता (IPS) और कोलकाता पुलिस कमिश्नर श्री अजय नंद (IPS) के साथ एक उच्च-स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा बैठक आयोजित की, ताकि पश्चिम बंगाल राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति का जायजा लिया जा सके। हमने पश्चिम बंगाल के हर नागरिक की सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की। पारदर्शी और कुशल शासन के प्रति हमारी पूर्ण प्रतिबद्धता है।"