TMC में जारी संकट के बीच, कल्याण बनर्जी की ममता को दो-टूक, कहा अभिषेक को चुनें या मुझे

कल्याण बनर्जी ने कहा, "जब तक यह बॉस वाला रवैया रहेगा, पार्टी नहीं बचेगी। अगर अभिषेक बनर्जी वहां बने रहे, तो पार्टी नहीं टिकेगी। वह तृणमूल कांग्रेस नहीं हैं। हम दीदी के साथ हैं, लेकिन उन्हें तय करना होगा कि वह किसके साथ आगे बढ़ना चाहती हैं। अभिषेक बनर्जी के साथ उनका खून का रिश्ता है। दीदी को तय करना होगा। मेरा उनके साथ खून का रिश्ता नहीं है, लेकिन हम 35-40 साल से उनके साथ काम कर रहे हैं। इसलिए, दीदी को चुनना होगा कि वह उनके साथ आगे बढ़ेंगी जिनसे उनका खून का रिश्ता है, या हमारे साथ।"

TMC में जारी संकट के बीच, कल्याण बनर्जी की ममता को दो-टूक, कहा अभिषेक को चुनें या मुझे

कल्याण बनर्जी 2009 से श्रीरामपुर लोकसभा सीट से सांसद है।

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Highlights

  • कल्याण बनर्जी ने फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी का पक्ष रखने से इनकार कर दिया।
  • उन्होंने कहा की यदि अभिषेक TMC में बने रहे तो ये पार्टी नहीं बचेगी।
  • TMC के निष्कासित प्रवक्ता रिजु दत्ता ने कहा की अब युवराज के चक्की पीसने का टाइम आ गया है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी उथल-पुथल के बीच, अब पार्टी को एक और झटका लगा है। इसे ताबूत में आखिरी कील कहना भी गलत नहीं होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे वफादार साथियों में से एक, कल्याण बनर्जी ने भी अब बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। कल्याण बनर्जी ने भी अब ममता को अल्टीमेटम दे दिया है कि उन्हें अभिषेक बनर्जी या मुझमें से किसी एक को चुनना होगा। उन्होंने फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक का पक्ष रखने से इनकार कर दिया और उन पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं अभिषेक बनर्जी का किसी भी मामले में पक्ष नहीं रखूंगा क्योंकि मुझे उनका घमंडी रवैया पसंद नहीं है। मैंने इस पेशे में 45 साल बिताए हैं। ये सभी लोग मेरे साथ जूनियर के तौर पर काम कर चुके हैं। वह मेरा अपमान कैसे कर सकते हैं? राजनीति में भी मैं उनसे सीनियर हूं। वह ऐसा नहीं कर सकते। उन्हें यह समझना होगा कि उन्हीं की वजह से हम हारे। उन्हें यह भी समझना होगा कि पार्टी उन्हीं की वजह से इस संकट का सामना कर रही है। मैं अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैं दीदी से गुजारिश करूंगा। अगर आप अभिषेक बनर्जी पर निर्भर रहेंगी, तो उन्हीं के साथ रहें, मुझे छोड़ दें। लेकिन अगर आप अभिषेक बनर्जी से अलग हो जाती हैं, तो मैं आपके साथ हूं। उन्होंने हमारी पार्टी को बर्बाद कर दिया है।"

कल्याण ने आगे कहा, "जब तक यह बॉस वाला रवैया रहेगा, पार्टी नहीं बचेगी। अगर अभिषेक बनर्जी वहां बने रहे, तो पार्टी नहीं टिकेगी। वह तृणमूल कांग्रेस नहीं हैं। हम दीदी के साथ हैं, लेकिन उन्हें तय करना होगा कि वह किसके साथ आगे बढ़ना चाहती हैं। अभिषेक बनर्जी के साथ उनका खून का रिश्ता है। दीदी को तय करना होगा। मेरा उनके साथ खून का रिश्ता नहीं है, लेकिन हम 35-40 साल से उनके साथ काम कर रहे हैं। इसलिए, दीदी को चुनना होगा कि वह उनके साथ आगे बढ़ेंगी जिनसे उनका खून का रिश्ता है, या हमारे साथ।"

उनके इस बयान पर TMC से निष्कासित प्रवक्ता रिजु दत्ता ने कहा, "कल्याण बनर्जी ने लंबे समय तक ममता बनर्जी के साथ खड़े रहने की कोशिश की। एक ऐसा इंसान जो काउंसलर बनने के भी काबिल नहीं है, ममता बनर्जी ने धृतराष्ट्र बनकर अपनी आँखें बंद कर लीं और सबको साइडलाइन करके उस इंसान को पॉलिटिक्स में स्थापित किया। इस इंसान, अभिषेक बनर्जी ने, सालों तक MPs और MLAs की बेइज्जती की, मेरे जैसे प्रवक्ताओं को गुलाम समझा और पार्टी वर्कर्स के साथ बुरा बर्ताव किया।"

रिजु ने आगे कहा, "उसने अकेले ही TMC को बर्बाद कर दिया और खत्म कर दिया, एक ऐसी पार्टी जिसे ममता बनर्जी ने अपने पसीने और खून से बनाया था। उसने शुभेंदु अधिकारी को पार्टी से बाहर निकाल दिया। उसने ही तापस रॉय और निशीथ प्रमाणिक को निकाला था। एक अकेले इंसान ने पार्टी को बर्बाद कर दिया, उसकी रेप्युटेशन खराब कर दी, और उसकी इज्जत मिट्टी में मिला दी। सब पैसे के लिए। अब युवराज के चक्की पीसने का टाइम आ गया है।" बता दें कि कल्याण बनर्जी 2009 से श्रीरामपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं और कई मुद्दों पर अपनी पार्टी की पैरवी करते हुए नजर आए हैं। TMC के इतना सीनियर लीडर भी अब ऐसी बातें कर रहे हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये पार्टी कितनी बुरी स्थिति में है

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