राष्ट्रीय राजनीति से एक बड़ी खबर है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवादों के बीच INDIA गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने आज नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में एक बैठक की। इसमें कांग्रेस के राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) से उमर अब्दुल्ला, ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (MAITC) से ममता बनर्जी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-SP) की सुप्रिया सुळे समेत कई नेता उपस्थित रहे। बैठक के बाद INDIA गठबंधन के नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि कम से कम तीन से साढ़े तीन घंटे तक बातचीत चली। सभी ने इसमें हिस्सा लिया और कई नेताओं ने अपनी बात रखी। इसके अलावा, ऑनलाइन बातचीत भी हुई, जिसमें उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि सभी एक साथ आए और एकजुट होकर मजबूती से लड़ने पर आम सहमति बनी। राहुल गांधी, ममता बनर्जी और यहां मौजूद सभी पार्टी नेताओं ने कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ, खासकर जिस तरह से चुनाव आयोग को कठपुतली की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, उसके खिलाफ पूरे देश में आंदोलन खड़ा करने के लिए सभी सुझावों को एक साथ किया गया है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता, युवाओं और INDIA गठबंधन के सदस्यों के लिए एक कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसके अलावा, NGO, लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोग, संविधान की रक्षा के लिए आगे आने वाले और देश की एकता के लिए प्रतिबद्ध लोगों को साथ लेकर 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' निकाला जाएगा। हर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया जाएगा और लोगों को यह भी बताया जाएगा कि ऐसा क्यों किया जा रहा है। विपक्ष के नेता अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में भारत के राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को अपनी चिंताओं और सरकार द्वारा खड़ी की जा रही संवैधानिक रुकावटों के बारे में एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि कैसे लोगों को परेशान और बर्बाद करके और अपनी मनमानी राय बनाकर वे एक झूठी सरकार यानी चोरी की सरकार चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति को जानकारी देना चाहते हैं। इसमें वे कितने सफल होते हैं, यह बाद में पता चलेगा। इसके अलावा, पाँच बड़ी रैलियाँ की जाएंगी। इनकी तारीखें और जगहें तय करके सभी को बता दी जाएंगी।
1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली होगी, जो यहीं से शुरू होगी। उसमें भी वोट चोरी के इस मुद्दे को उठाया जाएगा। राहुल गांधी लंबे समय से इनमें से कई बातें उठाते रहे हैं। शुरू में लोगों को लगता था कि यह कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन अब जब सब कुछ सामने आ गया है, सरकार के अंदर के लोगों और यहां तक कि चुनाव आयोग के सदस्यों की तरफ से भी, तो अब सबको लगता है कि राहुल गांधी जो पहले कह रहे थे, वह सही था।
INDIA गठबंधन के सभी नेता अपील करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे सभी मामलों, खासकर SIR और चुनावी गड़बड़ियों से जुड़े मामलों पर तेजी से सुनवाई हो। जो भी मामले हैं, उन्हें जल्द निपटाया जाना चाहिए। वरना, उन्हें लंबा खींचा जाता रहेगा और इससे जनता का नुकसान होगा। इसलिए वे सुप्रीम कोर्ट से भी अपील करते हैं कि इन मामलों का जल्द से जल्द समाधान हो, ताकि लोगों को न्याय मिल सके।