तृणमूल कांग्रेस को एक और झटका, सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा

ऐसी खबरें भी सामने आई हैं कि TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बागी नेताओं की लिस्ट पर साइन किया है। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों ने बताया है कि ऐसी सभी खबरें गलत हैं। उनका कहना है कि सिन्हा ने किसी भी लेटर पर साइन नहीं किया है। हालांकि सिन्हा ने खुद इस बारे में अभी तक कोई बयान या टिप्पणी नहीं की है।

तृणमूल कांग्रेस को एक और झटका, सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा

प्रकाश चिक बड़ाईक ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन को सौंपा इस्तीफा।

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Highlights

  • प्रकाश चिक बड़ाईक अगस्त 2023 से जून 2026 तक राज्यसभा सांसद रहे।
  • सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के बाद, ये राज्यसभा से तीसरा इस्तीफा है।
  • सूत्रों के मुताबिक, अगले हफ्ते TMC के तीन और राज्यसभा सांसद त्यागपत्र दे सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के बाद, अब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से ये एक ही हफ्ते में तीसरा इस्तीफा है, जिससे पार्टी के राज्यसभा सांसदों की संख्या 13 से घटकर 10 ही रह गई है। सूत्रों के मुताबिक, अगले हफ्ते TMC के तीन और राज्यसभा सांसद त्यागपत्र दे सकते हैं, जिससे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए संकट और गहरा सकता है।

बड़ाईक 2023 से 2026 तक रहे राज्यसभा सांसद

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन को लिखे गए इस्तीफे में उन्होंने लिखा, "मैं राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देता हूँ, कृपया इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए। राज्यसभा के सदस्य के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान हर तरह की मदद और सहयोग के लिए मैं महामहिम, माननीय उप-सभापति और राज्य सभा सचिवालय के सभी अधिकारियों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।" बड़ाईक अगस्त 2023 से जून 2026 तक सांसद रहे। इस दौरान वो जनजातीय मामलों की सलाहकार समिति एवं उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण संबंधी स्थायी समिति के सदस्य भी रहे।

उन्होंने कहा, "जनादेश रहा भाजपा के पक्ष में"

इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया, "पश्चिम बंगाल में जनादेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में था और पार्टी ने वहाँ सरकार बनाई। मेरे अपने चुनाव क्षेत्र में हम एक भी सीट नहीं जीत पाए। उत्तर बंगाल में भी नतीजे अच्छे नहीं रहे। इस जनादेश को देखते हुए मुझे लगा कि अब मेरे पद पर बने रहना ठीक नहीं है। इसलिए, मैंने अपने पद और पार्टी, दोनों से इस्तीफा दे दिया। आगे क्या होगा, इसके लिए कृपया इंतजार करें और देखें। चीजें समय के साथ सामने आएँगी। भविष्य में राजनीति में मैं क्या करूँगा, यह समय तय करेगा। कृपया इंतजार करें और समय को जवाब सामने लाने दें।"

बागियों में सायोनी घोष और शत्रुघ्न सिन्हा के नाम शामिल

एक अन्य घटनाक्रम में, TMC के बागी लोकसभा सांसदों में यूसुफ पठान, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष जैसे नाम सामने आए थे। दो अन्य सांसद दीपक अधिकारी (देव) और जून मालिया भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई एक प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए थे। ऐसी खबरें भी आई हैं कि TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी बागी नेताओं की लिस्ट पर साइन किया है। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों ने बताया है कि ऐसी सभी खबरें गलत हैं। उनका कहना है कि सिन्हा ने किसी भी लेटर पर साइन नहीं किया है।

सिन्हा फिलहाल "खामोश"

हालांकि सिन्हा ने खुद इस बारे में अभी तक कोई बयान या टिप्पणी नहीं की है। बता दें कि आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा, पहले BJP के ही सदस्य हुआ करते थे। पार्टी ने उन्हें दो बार बिहार से राज्यसभा भी भेजा था। इसके अलावा वो पटना साहिब से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। हालांकि बाद में उन्होंने कांग्रेस और फिर TMC का हाथ थाम लिया था।

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