ममता बनर्जी को एक और झटका, राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने दिया इस्तीफा

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें सिर्फ राज्यसभा तक ही सीमित नहीं हैं। 3-4 दिन पहले ये खबर भी सामने आ चुकी हैं कि TMC के कम से कम 20 सांसद BJP के संपर्क में हैं और वो पाला बदल सकते हैं। इस समय पार्टी के 28 सांसद लोकसभा में हैं। यदि वास्तव में ये 20 नेता बगावत करते हैं, तो TMC सांसदों की संख्या 28 से घटकर 8 रह जाएगी।

ममता बनर्जी को एक और झटका, राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने  दिया इस्तीफा

सुखेंदु शेखर रॉय राज्यसभा में TMC के चीफ व्हिप भी थे।

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Highlights

  • सुखेंदु 2011 से राज्यसभा सांसद थे और TMC द्वारा तीसरी बार उच्च सदन में भेजे गए थे।
  • TMC की ही एक अन्य सांसद कोयल मलिक भी आज राज्यसभा से इस्तीफा दे सकती है।
  • सुखेंदु लंबे समय से TMC की कार्यशैली से नाराज बताए जा रहे थे।

विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम ले रही हैं। उनके लंबे समय से सहयोगी रहे सुखेंदु शेखर रॉय ने तृणमूल छोड़ दी है और राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, कोयल मलिक भी आज उच्च सदन से इस्तीफा दे सकती हैं। TMC के पास फिलहाल 13 सांसद हैं। इन दोनों इस्तीफों के बाद, पार्टी सांसदों की संख्या 13 से घटकर 11 हो जाएगी। सुखेंदु 2011 से राज्यसभा सांसद थे और TMC द्वारा तीसरी बार इस उच्च सदन में भेजे गए थे। साथ ही वो राज्यसभा में पार्टी के चीफ व्हिप भी थे। वहीं कोयल मलिक बंगाली अभिनेत्री हैं, जिन्हें इसी वर्ष अप्रैल में सदन भेजा गया था। सुखेंदु का कार्यकाल 2029, तो कोयल का कार्यकाल 2032 तक रहने वाला था।

इस्तीफे के बाद सुखेंदु ने एक प्रेस स्टेटमेंट में लिखा, "हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में, लोगों ने राज्य के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में भारी जनादेश दिया है। यह जनादेश तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के अराजक शासन को खत्म करने के लिए है, जो बड़े पैमाने पर बेलगाम भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कानून-व्यवस्था व रोजगार जैसे क्षेत्रों में पूरी तरह विफल रहने के कारण पैदा हुआ था। इस बीच, नई चुनी हुई सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र के अनुसार पश्चिम बंगाल के सर्वांगीण विकास और पुनर्निर्माण के लिए पहल शुरू कर दी है। लोगों के इस ऐतिहासिक फैसले का सम्मान करते हुए, मैंने आज राज्यसभा की सदस्यता और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।"

सुखेंदु लंबे समय से TMC की कार्यशैली से नाराज बताए जा रहे थे। चुनावों में TMC की करारी हार के बाद उन्होंने ममता बनर्जी की आलोचना भी की थी। रिपोर्ट्स की मानें, तो वो यहां तक कह चुके हैं कि कुछ ही दिनों में ये पार्टी खत्म हो जाएगी। सुखेंदु ने यह भी बताया कि पार्टी राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। ममता की मुश्किलें सिर्फ राज्यसभा तक ही सीमित नहीं हैं। 3-4 दिन पहले ये खबर भी सामने आ चुकी हैं कि TMC के कम से कम 20 लोकसभा सांसद BJP के संपर्क में हैं और वो पाला बदल सकते हैं। इस समय पार्टी के कुल 28 सांसद लोकसभा में हैं। यदि वास्तव में ये 20 नेता बगावत करते हैं, तो TMC सांसदों की संख्या 28 से घटकर 8 रह जाएगी।

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