विधानसभा चुनाव 2026 : पश्चिम बंगाल में पहली बार बनेगी भाजपा सरकार, असम में लगाई जीत की हैट्रिक

केरलम में BJP ने 3 सीटें जीती हैं और विजयी उम्मीदवारों में नेमम से राजीव चंद्रशेखर, कळकुट्टम से वी. मुरलीधरन और चातन्नूर से बी. बी. गोपकुमार के नाम शामिल है।

विधानसभा चुनाव 2026 : पश्चिम बंगाल में पहली बार बनेगी भाजपा सरकार, असम में लगाई जीत की हैट्रिक

पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी, तो असम में डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री बन सकते है।

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Highlights

  • केरलम में इस बार UDF ने 102 विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की है।
  • तमिलनाडु में जोसेफ विजय की TVK के खाते में 109 सीटें गई है।
  • पुडुचेरी में एक बार फिर NDA सरकार बनने जा रही है।

सभी राज्यों के चुनाव परिणाम सामने हो चुके हैं और आगे की तस्वीर भी साफ हो चुकी है। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 206 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है और जल्द ही इस प्रदेश को BJP का पहला मुख्यमंत्री और सरकार मिलेगी। दूसरी ओर, 2021 में 215 सीटें जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा और वो केवल 81 सीटों पर ही सिमट कर रह गई है। TMC की चेयरपर्सन और पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपनी भवानीपुर सीट से हार चुकी हैं। उन्हें विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों से हराया। सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम सीट पर भी विजय हासिल कर चुके हैं। उन्होंने TMC के पवित्र कर को 9,665 मतों से पराजित किया।

BJP के अन्य उल्लेखनीय प्रत्याशी, जो इस बार विजयी हुए हैं, उनमें खड़गपुर सदर से दिलीप घोष, माथाभांगा से निशित प्रमाणिक, रासबिहारी से डॉ. स्वपन दासगुप्ता, सोनारपुर दक्षिण से रूपा गांगुली, आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पॉल, बहरामपुर से सुब्रत मैत्रा (कंचन), मोयना से पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा, बेहाला पश्चिम से डॉ. इंद्रनील खान और श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती जैसे नाम प्रमुख है। जिन दो नामों का खासतौर पर जिक्र होना चाहिए, वो है रेखा पात्रा और रत्ना देबनाथ। रेखा पात्रा ने हिंगलगंज और रत्ना देबनाथ ने पानीहाटी सीट से जीत दर्ज की है। रत्ना देबनाथ आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज में रेप और हत्या की पीड़िता की मां हैं, वहीं रेखा पात्रा 2024 की संदेशखाली घटना के पीड़ितों में से एक थी। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 9 मई को शपथ ग्रहण हो सकता है

असम में भी BJP ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया है और जीत की हैट्रिक लगाई है। प्रदेश में BJP कुल 90 सीटों पर लड़ी थी, जिनमें उसने 82 सीटों पर जीत हासिल कर ली है। दूसरी ओर 2021 में 29 सीटें जीतने वाली कांग्रेस, इस बार केवल 19 सीटों पर ही सिमट कर रह गई है। यहां तक कि कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नाम, इस चुनाव में पराजित भी हो चुके हैं। इनमें जोरहाट सीट से गौरव गोगोई, नाजिरा से देबब्रत सैकिया, हाजो-सुअलकुची से नंदिता दास और अभयपुरी से प्रदीप सरकार जैसे नाम प्रमुख है। BJP की ओर से जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवारों में जलुकबाड़ी से मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा का नाम सबसे पहले आना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की बिदिशा नियोग को 89,434 मतों के काफी बड़े अंतर से पराजित किया है।

BJP-NDA के अन्य चर्चित विजयी प्रत्याशियों में दूधनाई से टंकेश्वर राभा, भवानीपुर-सरभोग से रणजीत कुमार दास, रंगिया से भाबेश कलिता, दिसपुर से प्रद्युत बोरदोलोई, नलबाड़ी से जयंत मल्ल बरूआ, टिहु से चंद्र मोहन पटवारी, तामुलपुर से बिस्वजीत दैमारी, जागीरोड से पीयूष हजारिका, ढेकियाजुली से अशोक सिंघल, नाजिरा से मयूर बोरगोहेन, जोरहाट से हितेंद्र नाथ गोस्वामी, बोकाखात से अतुल बोरा, कलियाबोर से केशब महंत, कटिगोरा से कमलाख्य डे पुरकायस्थ, दुलियाजान से रामेश्वर तेली और सिल्चर से डॉ. राजदीप रॉय जैसे नाम प्रमुख है। NDA के घटक दलों, असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) ने भी 10-10 सीटों पर जीत हासिल की है। इस तरह NDA ने विधानसभा की 126 सीटों में से 102 पर विजय प्राप्त की है।

केरलम में 10 वर्षों के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की वापसी हो चुकी हैयहां कांग्रेस ने 63 सीटों पर कब्जा जमाया है। वहीं उनकी साथी पार्टियों इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने 22, केरलम कांग्रेस (KEC) ने 7, रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) ने 3, केरलम कांग्रेस-जे (KEC-J), कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी (CMP) और रिवॉल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (RMPI) ने 1-1 सीट पर जीत दर्ज की है। इसके अतिरिक्त 4 इंडिपेंडेंट उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की है। इस तरह UDF का कुल आंकड़ा 102 तक पहुंच गया। वहीं लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) सिर्फ 35 सीटों पर ही रह गया। इस बार BJP ने 3 सीटें जीती हैं और विजयी उम्मीदवारों में नेमम से राजीव चंद्रशेखर, कळकुट्टम से वी. मुरलीधरन और चातन्नूर से बी. बी. गोपकुमार के नाम शामिल है।

तमिलनाडु में सबकी उम्मीदों के विपरीत, जोसेफ विजय की तमिलगा वेट्री कळगम (TVK) ने 109 सीटों पर अपना कब्जा जमाया है। स्वयं विजय भी पेरंबूर और तिरूचिरापल्ली ईस्ट, दोनों ही सीटें जीत चुके हैं। उनकी पार्टी के अलावा द्रविड़ मुन्नेत्र कळगम (DMK) 59, ऑल इंडिया द्रविड़ मुन्नेत्र कळगम (AIADMK) 47, कांग्रेस 5, पट्टाली मक्कल काची (PMK) 4, IUML 2 और BJP 1 सीट जीत चुकी है। हालांकि किसी भी एक दल को मेजोरिटी नहीं मिली है। तमिलनाडु में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है TVK के पास 9 सीटें कम हैं। बताया जा रहा है कि TVK, कांग्रेस से हाथ मिला सकती है। लेकिन तब भी आंकड़ा 114 तक ही पहुंचेगा। अब देखना होगा कि क्या विजय NDA का हाथ थामेंगे या दूसरे छोटे दलों के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे।

​अंत में बात करें पुडुचेरी की, तो इस केंद्र शासित प्रदेश में एक बार फिर NDA सरकार बनने जा रही है। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की ऑल इंडिया एन. आर. कांग्रेस (AINRC) ने 12 सीटों पर विजय प्राप्त की है। उनकी साथी पार्टियों BJP ने 4, लच्चिया जननायगा कत्ची (LJK) ने 2 और AIADMK ने एक सीट जीती है। पुडुचेरी में बहुमत के लिए 17 सीटों की जरूरत होती है और NDA के पास 18 सीटें मौजूद हैं। वहीं विपक्षी दलों में DMK ने 5, TVK ने 2, कांग्रेस और नेयम मक्कल कळगम (NYMK) ने 1-1 सीटों पर जीत दर्ज की है। इनके अतिरिक्त इंडिपेंडेंट उम्मीदवारों के खाते में भी 3 सीटें गईं हैं।

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