भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से एक बड़ी खबर सामने आई है। संगठन को बेहतर करने की दिशा में कदम उठाते हुए, पार्टी ने 4 प्रदेशों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली में भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके अतिरिक्त सरदार केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब, डॉ. अर्चना गुप्ता को हरियाणा एवं अभिषेक देबरॉय को त्रिपुरा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
हर्ष मल्होत्रा 2024 से पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद हैं और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं। वो अतीत में पार्षद और पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) के मेयर भी रह चुके हैं। हर्ष मल्होत्रा से पूर्व वीरेंद्र सचदेवा भाजपा-दिल्ली के अध्यक्ष थे और उन्हीं के नेतृत्व में 27 वर्षों के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश (UT) में भाजपा सरकार बनी थी।
वही पंजाब के नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, भाजपा में आने से पूर्व कांग्रेस पार्टी का हिस्सा थे। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता है। ढिल्लों 10 वर्षों तक बरनाला सीट से विधायक भी रह चुके हैं। उनसे पूर्व सुनील कुमार जाखड़ प्रदेश अध्यक्ष थे। पंजाब में 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हो पाई थी। हालांकि उनके वोट शेयर में बढ़ोतरी देखी गई थी।
त्रिपुरा की बात करें तो, अभिषेक देबरॉय गोमती जिले की मातारबारी/मातारबाड़ी सीट से विधायक हैं। वो 2023 में ही पहली बार विधायक बने हैं। अभिषेक ने राजीव भट्टाचार्जी का स्थान लिया है, जो पिछले 3-4 वर्षों से राज्य में भाजपा की कमान संभाले हुए थे। उन्हीं के अध्यक्ष पद पर रहते 2018 के बाद 2023 में भी त्रिपुरा में भाजपा की सरकार बनी थी। राजीव बड़े लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं और फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं।
अंत में उल्लेख करें हरियाणा का तो, डॉ. अर्चना गुप्ता के रूप में भाजपा की प्रदेश इकाई को 40-43 वर्षों के बाद कोई महिला अध्यक्ष मिला है। इससे पहले कमला वर्मा 1980 से 1983 तक भाजपा-हरियाणा की अध्यक्ष थीं। डॉ. गुप्ता ने मोहन लाल बडोली का स्ठान लिया है, जो जुलाई 2024 से मई 2026 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे। 2024 के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने अधिकांश एग्जिट पोल्स को गलत साबित करते हुए लगातार तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाई।