मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर भाजपा का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगने की उठाई मांग

भाजपा ने दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे के आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भाजपा दिल्ली के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और कई अन्य नेता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसी तख्तियां थीं जिन पर "कांग्रेस पार्टी मुर्दाबाद", "कांग्रेस अध्यक्ष खरगे हाय हाय" और "कांग्रेस पार्टी जवाब दो, ऐसी भाषा का हिसाब दो" जैसे नारे लिखे थे।

मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर भाजपा का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगने की उठाई मांग

मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री मोदी पर दिए बयान से बढ़ा विवाद।

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Highlights

  • हर्ष मल्होत्रा ने कांग्रेस पर हताशा में संसदीय भाषा के नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
  • प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि खरगे के माफी मांगने तक भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा।
  • डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने खरगे की भाषा को राजनीतिक विमर्श का स्तर गिराने वाली बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर विवाद तूल पकड़ता दिख रहा है। आज भाजपा ने दिल्ली में खरगे के आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भाजपा दिल्ली के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और कई अन्य नेता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसी तख्तियां थीं जिन पर "कांग्रेस पार्टी मुर्दाबाद", "कांग्रेस अध्यक्ष खरगे हाय हाय" और "कांग्रेस पार्टी जवाब दो, ऐसी भाषा का हिसाब दो" जैसे नारे लिखे थे।

हर्ष मल्होत्रा ​​ने कहा कि कांग्रेस, चाहे वह राहुल गांधी हों या मल्लिकार्जुन खरगे, इनकी हताशा लगातार दिख रही है। उन्होंने सड़कों पर अराजकता फैलाने की कोशिश की है। ये ऐसे लोग हैं जो न तो कानून को मानते हैं और न ही संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करते हैं। वे लगातार चुनाव हार रहे हैं और जनता ने उन्हें नकार दिया है।

खरगे, कांग्रेस और राहुल गांधी को यह समझ आ गया है कि जनता अब उनके साथ नहीं है। अपनी हताशा में, वे संसदीय भाषा के नियमों को भी ताक पर रख देते हैं। चूंकि यह व्यवहार एक बड़ी और पुरानी राष्ट्रीय पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक की तरफ से आया है, इसलिए मल्लिकार्जुन खरगे को माफी मांगनी चाहिए।

वहीं भाजपा दिल्ली के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने बताया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मल्लिकार्जुन खरगे प्रधानमंत्री मोदी से माफी नहीं मांग लेते। यह खरगे की पहली गलती नहीं है। खरगे ने पहले भी कई बार प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। ऐसे हालात में, भाजपा कार्यकर्ता और देश के राष्ट्रवादी युवा अब इसे और बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं।

भाजपा दिल्ली के प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि उन्होंने सब कुछ करके देख लिया है। हमारे प्रधानमंत्री को अपमानित करने की कोशिश की, जनता के बीच नफरत फैलाने की कोशिश की और उन्हें तरह-तरह की गालियां दी हैं। वे पूरी तरह से उलझन और बेचैनी में हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या करें। इसीलिए उनके मुंह से ऐसी अभद्र भाषा निकलती है।

मेरी नजर में, एक ऐसा राष्ट्रीय नेता जो इतना अनुभवी, वरिष्ठ और उम्रदराज है, उसका इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना एक सोची-समझी चाल है, ताकि राजनीतिक विमर्श और चर्चा के स्तर को और भी नीचे गिराया जा सके। मेरा मानना ​​है कि हम इसकी चाहे जितनी भी कड़ी निंदा करें, वह कम ही होगी।

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