योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के बिल्हौर और बिठूर में 411 करोड़ की 48 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण

इस मौके पर राज्य सरकार के मंत्री राकेश सचान और प्रतिभा शुक्ला, कानपुर सांसद रमेश अवस्थी, मेयर प्रमिला पांडे और कई अन्य लोग उपस्थित थे। अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एक अत्यंत शुभ दिन है, क्योंकि हम महर्षि वाल्मीकि की जयंती मना रहे हैं। पिछले वर्ष इस पावन अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था और भाजपा सरकार ने मंदिरों में निरंतर रामायण पाठ आयोजित करने की परंपरा शुरू की थी।

योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के बिल्हौर और बिठूर में 411 करोड़ की 48 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन विकास कार्यों की सौगातों के लिए कानपुर नगर जनपद वासियों को दी बधाई।

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Highlights

  • वाल्मीकि जयंती के अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम में की पूजा-अर्चना।
  • योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा को छोटे मियां-बड़े मियां कहा और उन पर दंगे भड़काने का आरोप लगाया।
  • योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा पर अयोध्या की उपेक्षा करने और बुनियादी सुविधाएं न पहुंचाने का आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कानपुर के बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों में 411 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के हर गांव और शहर में खुशहाली, उल्लास, उमंग और उत्साह का माहौल है, जिसे उन्होंने 'रामराज्य' बताया। इसी रामराज्य को विस्तार देते हुए वे कानपुर नगर के बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 411 करोड़ रुपये लागत की 48 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। 

योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। इसके साथ ही उन्होंने आदिकवि महर्षि वाल्मीकि के पावन चरणों में नमन करते हुए उनकी जयंती के अवसर पर इन विकास कार्यों की सौगातों के लिए जनपद वासियों को हार्दिक बधाई दी। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की। उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया। 

इस मौके पर राज्य सरकार के मंत्री राकेश सचान और प्रतिभा शुक्ला, कानपुर सांसद रमेश अवस्थी, मेयर प्रमिला पांडे और कई अन्य लोग उपस्थित थे। अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एक अत्यंत शुभ दिन है, क्योंकि हम महर्षि वाल्मीकि की जयंती मना रहे हैं। पिछले वर्ष इस पावन अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था और भाजपा सरकार ने मंदिरों में निरंतर रामायण पाठ आयोजित करने की परंपरा शुरू की थी। आज, महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने के लिए राज्य भर के हजारों मंदिरों में सुबह से ही विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

इस भूमि ने यह भी दिखाया है कि जहाँ महिलाओं का सम्मान होता है, वहाँ लव और कुश जैसे वीर बच्चे अपने साहस और पराक्रम का परिचय देंगे। यह वही भूमि है जहाँ आदि कवि महर्षि वाल्मीकि ने विश्व के पहले महाकाव्य रामायण की रचना की थी। इस महाकाव्य की महानता इस बात से स्पष्ट होती है कि भगवान राम का नाम सुनते ही कोई भी भारतीय श्रद्धा से सिर झुकाए बिना नहीं रह पाता।

योगी आदित्यनाथ ने आगे बताया कि हजारों साल पहले लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे थे। हजारों सालों तक अयोध्या में आवागमन के लिए केवल सड़क मार्ग ही था, वह भी टूटा-फूटा था। वहाँ बिजली नहीं थी और पूरा शहर गंदगी और उपेक्षा का शिकार था। यह कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की कार्यशैली को दर्शाता है, जो खराब हालात और गलत कामों की आदी हो चुकी हैं। उन्होंने न तो वहाँ बिजली पहुँचाई और न ही अयोध्या का विकास किया। जब भाजपा की सरकार ने अयोध्या के विकास की योजना बनाई, तो उन्होंने इसमें रुकावटें डालनी शुरू कर दीं।

जब भगवान राम के भक्त अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े, तो कुछ लोगों ने राम मंदिर के निर्माण, अयोध्या के विकास और वहां हवाई अड्डे के निर्माण में हर संभव बाधा डालने की कोशिश की। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण सुनिश्चित करके भक्तों की भावनाओं को पूरा किया है। योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए उन्हें 'छोटे मियां' और 'बड़े मियां' कहा, और उन पर देश में अराजकता फैलाने तथा दंगे भड़काने का आरोप लगाया।

उन्होंने आगे बताया कि जो लोग दंगाइयों और लूटपाट करने वालों का समर्थन करते हैं, जो देश से ऊपर अपने परिवार को रखते हैं, और जो किसानों, गरीबों, दलितों और युवाओं का अपमान करते हैं, वे कभी तरक्की नहीं ला सकते। सपा और कांग्रेस ने सालों तक शासन किया, फिर भी किसान परेशान रहे, गरीब भूख से जूझते रहे, युवाओं के पास नौकरियां नहीं थीं और महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनी रही। वे संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं और बांग्लादेशी तथा पाकिस्तानी घुसपैठियों का समर्थन करते हैं।

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