BJP ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए जारी की प्रत्याशियों की लिस्ट, अन्नामलाई का नाम सूची से गायब

दावा किया गया जा रहा है कि अन्नामलाई, BJP और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कळगम (AIADMK) के बीच हुए सीट-बंटवारे के समझौते से खुश नहीं थे। उन्होंने BJP नेतृत्व को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने सीट-बंटवारे के इस समझौते पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

BJP ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए जारी की प्रत्याशियों की लिस्ट, अन्नामलाई का नाम सूची से गायब

राजनीति में आने से पहले के. अन्नामलाई ने एक IPS अफसर के तौर पर भी काम किया है।

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Highlights

  • प्रत्याशी सूची में अन्नामलाई का नाम न होने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह हाई कमान का फैसला है।
  • बताया जा रहा है की अन्नामलाई BJP-AIADMK गठबंधन से खुश नहीं थे।
  • तमिलनाडु में 23 अप्रैल को चुनाव और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आज तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपने सभी 27 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में BJP तमिलनाडु के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सौंदरराजन, डॉ. एल. मुरूगन और वनती श्रीनिवासन जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। लेकिन बड़ी हैरानी की बात है कि इस लिस्ट में कही भी जुलाई 2021 से अप्रैल 2025 तक पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे कुप्पुसामी अन्नामलाई का नाम शामिल नहीं है। माना जा रहा था कि BJP उन्हें भी इस चुनावी रण में उतारेगी। इस सूची में उनका नाम न होने पर प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्रन ने कहा, "यह हाई कमान का फैसला है।" बता दें कि अन्नामलाई पहले एक IPS अफसर के तौर पर भी सफलतापूर्वक काम कर चुके हैं और वो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं

दावा किया गया जा रहा है कि अन्नामलाई, BJP और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कळगम (AIADMK) के बीच हुए सीट-बंटवारे के समझौते से खुश नहीं थे। उन्होंने BJP नेतृत्व को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने सीट-बंटवारे के इस समझौते पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। सीट शेयरिंग के मुताबिक, AIADMK और BJP 169 और 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। एक और ध्यान देने योग्य बात ये भी है कि अन्नामलाई कभी भी AIADMK के साथ गठबंधन के पक्षधर नहीं थे। यह भी बताया जाता है कि AIADMK के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने ये शर्त रख दी थी की उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) में तभी वापस आएगी, जब अन्नामलाई को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया जाएगा। अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने लगातार AIADMK की विचारधारा और जयललिता व अन्नादुराई जैसे नेताओं पर लगातार टिप्पणियां की थीं।

तमिलनाडु में 2024 लोकसभा चुनावों मे एक भी सीट न जीत पाने के बाद, AIADMK के कुछ नेताओं का कहना था कि अन्नामलाई के सहयोगी पार्टियों के प्रति ऐसे रवैये के कारण ही दोनों पार्टियां एक भी सीट नहीं जीत पाईं। हालांकि एक दिलचस्प बात यह भी है कि उन चुनावों में BJP के वोट शेयर में 7.66% की वृद्धि हुई थी। जहां 2019 में पार्टी का वोट शेयर मात्र 3.58% था, वहीं 2024 में ये बढ़कर 11.24% हो गया था। माना जा रहा है कि अन्नामलाई ये चाहते थे कि पार्टी किसी गठबंधन पर निर्भर रहने की बजाए स्वतंत्र विकास हासिल करे। अन्नामलाई स्वयं भी उन चुनावों में कोयंबटूर लोक सभा से उम्मीदवार थे, जहां उन्हें 4 लाख 50 हजार से अधिक वोट मिले थे, तब भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

2026 के विधानसभा चुनावों में भी उन्हें 6 सीटों का प्रभारी बनाया गया था। वो कोयंबटूर नॉर्थ जैसी सीट से चुनाव भी लड़ने वाले थे। अन्नामलाई ने AIADMK के साथ सीटों के बँटवारे को लेकर BJP के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने इस बात को लेकर भी आपत्ति जताई थी कि किनाथुकाडावु जैसी कुछ ऐसी सीटें जो BJP जीत सकती थीं, पार्टी को नहीं दी गईं। अब देखने वाली बात ये होगी कि उन्हें केंद्रीय राजनीति में बुलाया जाता है या नहीं। BJP की लिस्ट से कुछ अन्य प्रमुख नामों की बात करें, तो इनमें एम. आर. गांधी और एस. विजयधारणी जैसे नाम शामिल हैं।

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