पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं, इसके बाद भी ये प्रदेश लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इन चुनावों में TMC की करारी हार के बाद प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. स्वपन दासगुप्ता का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने TMC से भागकर BJP में आने वाले लोगों से सावधान रहने की बात कही है।
X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "TMC के अपने ही हाथों बर्बाद होने पर मैंने एक भी आँसू नहीं बहाया। मेरी बस यही उम्मीद है कि गुंडों की राजनीतिक संस्कृति पश्चिम बंगाल BJP को भी दूषित न करने लगे। हम BJP वालों को ऐसे झूठे दोस्तों से हमेशा सावधान रहना होगा, जो आज हमसे इसलिए नजदीकी बढ़ा रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपने पिछले पाप धोने हैं। बंगाल को साफ-सुथरा बनाने का यह काम अधूरा नहीं छोड़ा जा सकता।"
कल TMC से निष्कासित किए गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को भी विधानसभा अध्यक्ष रतीन्द्र बोस ने विपक्ष का नेता मान लिया गया है। यह मान्यता तब मिली जब 58-60 विधायकों ने उनके समर्थन में पत्र सौंपे। हालांकि ऋतब्रत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ही उनकी नेता हैं और उनका पार्टी को तोड़ने का कोई इरादा नहीं है। TMC विधायकों संदीपान साहा, सेउली साहा, जावेद अहमद खान और सबीना यास्मीन को विपक्ष का उप-नेता नियुक्त किया गया है।
अखरूज्जमान को पार्टी का चीफ व्हिप बनाया गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो ममता बनर्जी स्पीकर के खिलाफ कोर्ट भी जा सकती हैं। एक और बड़ी खबर में ममता के बड़े करीबी माने जाने वाले फिरहाद हाकिम ने कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर के पद से इस्तीफा दे दिया है। वो ममता बनर्जी कैबिनेट में मंत्री होने के साथ ही मेयर के तौर पर भी काम कर रहे थे।
इस पूरे मामले पर TMC विधायक कुणाल घोष ने कहा, "वो सम्मानजनक तरीके से पद छोड़ना चाहते थे, क्योंकि राज्य सरकार निगम को निष्क्रिय कर रही है। अब तक, ममता बनर्जी ने यह अनुमति नहीं दी थी।" एक और घटनाक्रम में, TMC के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला के घर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले हुए बम धमाके की जांच से जुड़ी है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।