भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि, "दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और एनर्जी, ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल आदि क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों की तलाश की। दोनों नेताओं ने आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करने तथा ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।"
राष्ट्रपति रोड्रिगेज की आधिकारिक भारत यात्रा पर, MEA सचिव (पूर्व) रूद्रेंद्र टंडन ने बताया कि, वो 3 से 6 जून तक भारत में हैं। उनके साथ एक बड़ा मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जिसमें विदेश मामलों, संचार और सूचना, अर्थव्यवस्था और वित्त, विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं परिवहन मंत्री शामिल थे। आज उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। इससे पहले वो विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी मुलाकात कर चुकी हैं।
उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक हैं। भारतीय इकोनॉमी तेल की एक बड़ी और बढ़ती हुई उपभोक्ता है और आने वाले कई वर्षों तक इसकी मांग में स्टेबल ग्रोथ बनी रहेगी। हमारी स्पॉट परचेज में, वेनेजुएला इस महीने ही भारत का तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है। आज की बातचीत एनर्जी पार्टनरशिप बनाने पर फोकस थी। वे भारत को आने वाले कई सालों तक एक स्थिर खरीददार के तौर पर देखते हैं।"
रूद्रेंद्र टंडन ने आगे बताया कि वेनेजुएला एक बहुत बड़ा देश है जो संसाधनों से भरपूर है और यहां के लोग बहुत टैलेंटेड और मेहनती हैं। अब इसके लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इसलिए न सिर्फ एनर्जी सेक्टर में, बल्कि माइनिंग, पशुपालन, ट्रांसपोर्टेशन, खेती के उपकरण, ऑटोमोटिव सेक्टर और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में भी कई बड़े अवसर मौजूद हैं। इन क्षेत्रों पर चर्चा हुई और इसका मुख्य मकसद ऐसे तरीके खोजना था जिनसे भारतीय वाणिज्यिक इकाईयां (Commercial Entities) वेनेजुएला के बाजार में सफलतापूर्वक कदम रख सकें और इन सेक्टरों में एक नई पार्टनरशिप बनाई जा सके।
उन्होंने अंत में कहा, "कुल मिलाकर, मैं कहूँगा कि यह बातचीत बहुत ही अच्छी रही। वेनेजुएला की तरफ से इस बात को माना गया कि भारत ने अच्छे और बुरे, दोनों ही समय में उसका साथ दिया है। यह एक बहुत पुराना रिश्ता है और भविष्य में भी हम उनके लिए एक पसंदीदा पार्टनर बने रहेंगे।"