राष्ट्रीय राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। उनके अलावा WFI के पूर्व सहायक सचिव/ अतिरिक्त सचिव विनोद तोमर को भी कोर्ट द्वारा इस मामले में बरी किया गया है। मीडिया से बात करते हुए बृज भूषण ने बताया, मैंने कहा था कि यह एक साजिश है और अगर मुझ पर लगे आरोप सच साबित हुए, तो मैं खुद को फांसी लगा लूंगा। आज भी मैं अपनी उस बात पर कायम हूं। आज, लगभग तीन साल बाद, कोर्ट ने मुझे और विनोद जी को सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है।
बृज भूषण ने कहा कि मैंने हमेशा कमजोर लोगों और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाई है। मुझे पूरा भरोसा था कि मुझे न्याय मिलेगा, और मैंने कभी खुद को दोषी महसूस नहीं किया। हम उन जूनियर खिलाड़ियों के लिए लड़ रहे थे जिनके हक मारे जा रहे थे और मुझे खुशी है कि हम वह लड़ाई जीत गए। फैसला उनके हक में आने के बाद, लोगों ने बृज भूषण शरण सिंह को मालाएँ और गुलदस्ते देकर बधाई दी। बृज भूषण ने कहा कि उन्हें सिर्फ बरी नहीं, बाइज्जत बरी किया गया है। उन्होंने कहा कि संघर्ष से ही निखार आता है। इस दौरान, उन्होंने अपने आलोचकों के बारे में कुछ नहीं कहा।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए, उनके बेटे और कैसरगंज से सांसद करण भूषण सिंह ने कहा, मैं न्यायपालिका का धन्यवाद करना चाहता हूं। यह सच्चाई, युवा पहलवानों और कैसरगंज की जीत है। आज हम देश के सामने मजबूती से खड़े हैं। क्या वे लोग, जिन्होंने उस समय मेरे पिता के खिलाफ बात की थी, अब आगे आएंगे और मानेंगे कि उनके साथ जो हुआ, वह गलत था? 2023 में इस पूरे मामले ने बहुत सारे लोगों का ध्यान खींचा था। महिला पहलवान और जुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "हमें सड़क पर उतरने और सत्ताधारी पार्टी के एक बाहुबली नेता के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के लिए बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी थी. सत्ता और अपने बाहुबल के दम पर बृज भूषण ने कई लड़कियों को डराकर उनके नाम वापस करवाए हैं। पर कई महिला पहलवान खड़ी रहीं और कोर्ट में बृजभूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ती रहीं। हमें इस बात का बहुत दुख है कि अदालत ने बृज भूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन हिंसा के आरोपों में दोषी नहीं माना। शुरू दिन से ही सारा तंत्र, सरकार और ये सिस्टम बृज भूषण को बचाने के लिए लगा हुआ है। महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्देश दे दिया है और यह जल्द से जल्द की जाएगी। हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और पहलवान अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।"