मध्य प्रदेश की राजनीति से दुखद खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है। खबरों के अनुसार, वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। BJP नेताओं और समर्थकों ने उनके निधन पर दुख जताया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी आज उज्जैन पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, मैं हमारे वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पारस जैन के निधन के बाद उज्जैन आया हूं। मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता था और हमारे पारिवारिक संबंध थे। ऐसे नेता को खोना भारतीय जनता पार्टी और उज्जैन, दोनों के लिए एक बड़ी क्षति है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी X पर लिखा, "मध्यप्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री, उज्जैन उत्तर के पूर्व विधायक, वरिष्ठ राजनेता, मेरे आत्मीय साथी श्री पारस चंद्र जैन जी नहीं रहे। पारस जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक एवं भारतीय जनता पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं। उनके निधन का समाचार सुनकर दु:खी एवं स्तब्ध हूं।"
उन्होंने आगे लिखा, "पारस जी ने मध्यप्रदेश और उज्जैन की जनता की समर्पित भाव से सेवा की है। वे कुशल संगठक और सफल प्रशासक के साथ-साथ योग तथा व्यायाम के बड़े प्रेरक रहे हैं। उन्हें 'पारस पहलवान' के नाम से जाना जाता था।मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक-संतप्त परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!"
जानकारी के लिए बता दें कि, पारस चंद्र जैन मध्य प्रदेश में BJP के सबसे वरिष्ठ और पुराने नेताओं में से एक हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ काम किया है। उन्होंने 1990 से 1998 तक और फिर 2003 से 2023 तक उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के रूप में भी कार्य किया है। उन्होंने मध्य प्रदेश में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी हैं। 2023 में उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया गया था। पारस चंद्र जैन की जगह टिकट अनिल जैन कालूहेड़ा को दिया गया। अनिल ने कांग्रेस की माया राजेश त्रिवेदी को 27,513 वोटों के बड़े अंतर से हराया।