मंदिर में चढ़ावे की चोरी के विवाद के बीच, चंपत राय का श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट से इस्तीफा

एक अन्य ट्रस्टी कृष्ण मोहन यादव द्वारा श्री राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में एक FIR भी दर्ज हुई है। इसमें 8 लोगों के नाम शामिल है। इन लोगों की पहचान रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करूणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव के रूप में हुई है। साथ ही एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी शिकायत दर्ज हुई है।

मंदिर में चढ़ावे की चोरी के विवाद के बीच, चंपत राय का श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट से इस्तीफा

चंपत राय विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के उपाध्यक्ष भी है।

Share:

Highlights

  • जानकारी के अनुसार ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है।
  • चंपत राय के अलावा ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
  • योगी ने कहा की जो रामनाम लेने पर गोली चलाते थे आज वे कहते है की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है।

अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद में एक नया मोड़ आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (SRJBTK) के महासचिव और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के उपाध्यक्ष चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके अलावा, ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि चंपत राय ने नैतिक आधार पर यह फैसला लिया है।

इसके अतिरिक्त ट्रस्टी कृष्ण मोहन यादव द्वारा श्री राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में एक FIR भी दर्ज हुई है। इसमें 8 लोगों के नाम शामिल है। इन लोगों की पहचान रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करूणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव के रूप में हुई है। साथ ही एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी शिकायत दर्ज हुई है।

एक अन्य घटनाक्रम में, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज देवरिया जिले में मौजूद थे। उन्होंने 456 करोड़ रूपए से अधिक की लागत की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने इस पूरे मामले का राजनीतिकरण करने के लिए समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस को निशाने पर लिया।

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि एक पक्ष कहता था कि राम तो हुए ही नहीं। यानी वे अयोध्या को ही नकारना चाहते थे। उन्होंने लगातार अदालतों में मुकदमा लड़ा। वकीलों की फौज खड़ी करते रहे श्री राम जन्मभूमि के खिलाफ और श्री राम मंदिर के निर्माण के खिलाफ। दूसरा पक्ष वो है, जो जय श्री राम बोलने वालों पर गोली चलाते थे। जो लोग भगवान राम का नाम लेने पर गोली चलाते थे, आज वे कह रह हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि, ये लोग राम नवमी पर दंगा करवाते थे, कृष्ण जन्मोत्सव को बैन करते थे, कांवड़ यात्रा को नहीं निकालने देते थे और दुर्गा पूजा पर भी दंगा करवाते थे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ देश को लूटा और बेईमानी एवं भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित किए। अब वही लोग अब अयोध्या पर सवाल उठा रहे हैं? यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार की मंशा साफ है, दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा।

उन्होंने फिर अपील करते हुए कहा राम भक्तों की अग्निपरीक्षा न लें, उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ बंद करें। अगर कोई तथ्य या सबूत नहीं है, तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करें और अगर सबूत हैं, तो उन्हें SIT के सामने पेश करें। सरकार SIT की सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई कर रही है और जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम इस पर काम कर रही है, तो इस बारे में राजनीतिक बयानबाजी बंद करें।

ताजा घटनाक्रम में, मामले की सुनवाई हेतु सभी आरोपियों को अयोध्या की फास्ट-ट्रैक अदालत ले जाया जा रहा है। 8 आरोपियों को हिरासत में लेने के पश्चात, अयोध्या पुलिस लाइंस में उनकी मेडिकल जांच भी की गई।

रिलेटेड टॉपिक्स