पश्चिम बंगाल से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश में जल्द ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड, गुजरात और असम द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया का पालन करते हुए UCC लागू करेगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तय 6 महीने की समय-सीमा से पहले ही, बजट सत्र के दौरान सोमवार को विधानसभा में UCC बिल पेश किए जाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, "इसकी एक तय प्रक्रिया है, जिसे मैं विधानसभा में बताऊंगा। एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनेगी। गुजरात, उत्तराखंड और असम की तरह ही, इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। मैं सोमवार को विधानसभा में और जानकारी दूंगा।"
तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, पिछली सरकार का काम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, परिवारवाद और बंगाल को पीछे ले जाने का था। राष्ट्रवाद और देशप्रेम उनके एजेंडा में नहीं था। अब राष्ट्रवादी सरकार सत्ता में आई है तो सब काम होंगे। मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि, "हमने बजट में घोषणा कि है कि 'वन्दे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने पर एक नेशनल-लेवल म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा।"
पश्चिम बंगाल के पर्यटन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. शंकर घोष ने कहा कि UCC पश्चिम बंगाल में पेश किए जाने वाले सबसे अहम बिलों में से एक है। राज्य सरकार ने सोमवार को UCC बिल पेश करने का फैसला किया है और उत्तराखंड जैसे दूसरे राज्यों ने पहले ही यह बिल पास कर दिया है। यह पश्चिम बंगाल द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक कदमों में से एक है।
इस घोषणा के बाद, विपक्ष द्वारा विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। TMC नेता और दम दम से लोकसभा सांसद सौगत रॉय ने कहा कि हम इसके खिलाफ हैं, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू ने मुस्लिम समाज को भरोसा दिलाया था कि UCC तब तक लागू नहीं किया जाएगा, जब तक मुस्लिम समाज इसे स्वीकार न कर ले।