राज्यसभा नामांकन रद्द किए जाने पर कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

दरअसल 2022 में तेलंगाना की एक महिला ए. श्रीलता ने प्रदेश के ही कांग्रेस नेता के. शिवकुमार रेड्डी के खिलाफ एक कंप्लेंट दर्ज की थी। श्रीलता ने इसमें उत्पीड़न, छेड़छाड़ और धमकी का आरोप लगाया था। साथ ही, उन्होंने नटराजन और अन्य लोगों पर भी आरोप लगाया है कि पार्टी के सीनियर पदाधिकारी होने के बावजूद, बार-बार शिकायत करने पर भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। गौरतलब है कि नटराजन तेलंगाना कांग्रेस के लिए AICC की प्रभारी हैं।

राज्यसभा नामांकन रद्द किए जाने पर कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका में तत्काल सुनवाई की मांग की गई है।

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Highlights

  • याचिका में नटराजन ने नामांकन रद्द किए जाने के फैसले को मनमाना, पक्षपाती और कानून के खिलाफ बताया है।
  • कल इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल भी चुनाव आयोग से मिला था।
  • इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने तक भी योजना है।

मध्य प्रदेश से बड़ी खबर सामने आई है। राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की उम्मीदवार और पूर्व लोकसभा सांसद मीनाक्षी नटराजन को बड़ा झटका लगा। 1-2 दिन पूर्व ही उनके नामांकन को रद्द कर दिया गया था। इस फैसले के खिलाफ मीनाक्षी ने देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर अपने नामांकन को रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। याचिका में तत्काल सुनवाई की मांग की गई है। इस समय मध्य प्रदेश में ये मामला काफी चर्चा में है, क्योंकि 18 जून को राज्य की तीन राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग होनी हैं। दरअसल 9 जून को मीनाक्षी का नामांकन रद्द किया गया था। 

अपनी याचिका में नटराजन ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को मनमाना, पक्षपाती और कानून के खिलाफ बताया है और सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह बिना देरी किए इस आदेश को रद्द करे। याचिका में तुरंत राहत की मांग करते हुए कहा गया है कि नॉमिनेशन रद्द करना कानूनी रूप से सही नहीं था और इसने चुनावी प्रक्रिया पर बुरा असर डाला है। कल इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) का एक प्रतिनिधिमंडल भी चुनाव आयोग से मिला था, जिसमें जयराम रमेश, के. सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला भी शामिल थे। हालांकि इस पूरे मामले में चुनाव आयोग की तरफ से कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है।

दरअसल 2022 में तेलंगाना की एक महिला ए. श्रीलता ने प्रदेश के ही कांग्रेस नेता के. शिवकुमार रेड्डी के खिलाफ एक कंप्लेंट दर्ज की थी। श्रीलता ने इसमें उत्पीड़न, छेड़छाड़ और धमकी का आरोप लगाया था। साथ ही, उन्होंने नटराजन और अन्य लोगों पर भी आरोप लगाया है कि पार्टी के सीनियर पदाधिकारी होने के बावजूद, बार-बार शिकायत करने पर भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। गौरतलब है कि नटराजन तेलंगाना कांग्रेस के लिए AICC की प्रभारी हैं। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने तक भी योजना है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों और नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति मुर्मू से मिलने और मीनाक्षी नटराजन के लिए न्याय मांगने नई दिल्ली जाएगा।​ पटवारी ने बताया कि मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार को दिल्ली जाने का फैसला किया है। पटवारी के मुताबिक, "हमने राष्ट्रपति से शुक्रवार या शनिवार को मिलने का समय मांगा है।" उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर राष्ट्रपति मुर्मू उनसे मिलने के लिए सहमत नहीं होती, तो वे राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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