मध्य प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। ये फैसला दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा उन्हें धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में सजा सुनाने के बाद लिया गया है। ये फैसला कांग्रेस पार्टी के लिए भी एक झटका है, क्योंकि राजेंद्र भारती वहीं नेता हैं, जिन्होंने 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के दिग्गज नेता और प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था। अपनी हार से पूर्व डॉ. मिश्रा इस सीट से तीन बार चुनाव जीत चुके थे।
दरअसल ये मामला काफी पुराना है, जो 1998 से 2011 के बीच का बताया जा रहा है। राजेंद्र भारती पर आरोप है कि जब 1998 में वे एक सहकारी बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने बैंक के दस्तावेजों में गड़बड़ की थी। उनकी मां के नाम पर बैंक में एक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई थी ये FD 13.5% ब्याज दर पर की गई थी। उन्होंने बैंक के ही एक अन्य कर्मचारी के साथ मिलकर बैंक के दस्तावेजों में गड़बड़ की और FD की अवधि को 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दिया था। जानकारी के मुताबिक, साल 1999 से 2011 के बीच 13.5% की ही ब्याज दर से करीब 1 लाख 35 हजार रूपए निकाले गए थे। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई है।
इस कार्रवाई पर प्रदेश में अलग-अलग नेताओं द्वारा विभिन्न प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। भोपाल दक्षिण पश्चिम से भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा, "अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है और हर किसी को उस फैसले का सम्मान करना चाहिए। फैसले के अनुसार, तीन साल की सजा होने के कारण उनकी विधायी सदस्यता समाप्त कर दी गई है।" जानकारी के लिए बता दें कि राजेंद्र भारती कांग्रेस के एक काफी पुराने नेता हैं। उन्हें 1985, 1988 और 2023 में दतिया सीट से जीत हासिल हुई थी। उनके पिता श्याम सुंदर श्याम भी इसी सीट से 1952, 1957, 1967, 1977 और 1980 में चुनाव जीत चुके हैं। इतना ही नहीं, श्याम सुंदर श्याम ने 1952 से 1957 तक विंध्य प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया था। देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे मामले में आगे क्या होता है।