जम्मू-कश्मीर से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां गुलमर्ग के प्रसिद्ध "गुलमर्ग गोंडोला" में तकनीकी खराबी आने के कारण पर्यटक हवा में ही रह गए। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि गोंडोला के अचानक रूक जाने से लगभग 300 पर्यटक केबल कारों के अंदर फंस गए। बताया जा रहा है कि कुछ पर्यटक डर के कारण रोने एवं नीचे उतरने के लिए चिल्लाने भी लगे। इसके बाद बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपेरशन शुरू किया गया।
जानकारी के मुताबिक, इसमें सेना की 9 राज राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की रेस्क्यू टीमें शामिल थीं। इस सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय द्वारा एक ट्वीट किया गया, जिसमें लिखा था कि, "गुलमर्ग में तकनीकी खराबी के कारण केबल कार के डिब्बों में फंसे पर्यटकों को बचाने के अभियान पर मैं नजर रख रहा हूँ। मैंने DGP को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है। पुलिस, सेना, SDRF, DC और SSP की एक संयुक्त बचाव टीम सभी पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चला रही है।"
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी एक ट्वीट किया गया, जिसमें लिखा था कि, "गुलमर्ग गोंडोला में केबल कार सेवा के तकनीकी खराबी के कारण अस्थायी रूप से रोक दिए जाने के बाद, सरकार वहां की स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है। सभी केबिन सुरक्षित हैं और फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है, जिसमें प्रशिक्षित टीमें मौके पर मौजूद हैं। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और घबराने की कोई बात नहीं है।"
ताजा जानकारी के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 16 केबिन खाली कराए गए और करीब 80 यात्रियों को बचा लिया गया है। इस घटना के बाद, गोंडोला सेवाओं को तब तक के लिए निलंबित कर दिया गया है, जब तक कि तकनीकी जांच और सुरक्षा समीक्षा पूरी नहीं हो जाती। अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत का काम पहले से ही चल रहा है, लेकिन सेवाएं तभी दोबारा शुरू की जाएंगी, जब पूरी तरह से ऑपरेशनल सिक्योरिटी सुनिश्चित कर ली जाएगी।
जानकारी के लिए बता दें कि गुलमर्ग गोंडोला, दुनिया की दूसरी सबसे लंबी और दूसरी सबसे ऊँची केबल कार है। इससे ऊँची लाइनों में बोलीविया की 'मी टेलीफेरिको' और 'जेड ड्रैगन स्नो माउंटेन' की लाइनें शामिल हैं।